April 23, 2026

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श्रावण माह के चौथे व अंतिम सोमवार महाकाल मंदिर में लगा भक्तों का तांता

उज्जैन(डॉ हीना तिवारी): श्रावण माह का चौथा व अंतिम सोमवार होने के कारण आज सुबह से ही देशभर में शिव मंदिरों में भक्तो का ताँता लगा हुआ हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर में दर्शन हेतु श्रद्धालु देर रात से ही कतार में लगे हुए हैं। रात्रि ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद तीन बजे बाबा महाकाल की भस्मारती शुरू हुई। जिसके हजारो श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिए।

श्रावण मास भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय माह माना गया है। मान्यता है की श्रावण माह में शिव आराधना करने से सभी कष्टो से तुरन्त मुक्ति मिलती है।

श्रावण के अंतिम सोमवार पर आज विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की विशेष भस्मारती की गई। भस्मारती के पहले बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध, दही, घी, शहद व फलो के रसो से अभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद भांग और चन्दन और आभूषणों से भगवान भोलेनाथ का राजा स्वरूप में आकर्षक श्रंगार किया गया और भगवान को वस्त्र धारण कराये गए। तत्पशचात बाबा को भस्म चढाई गई। भस्मिभूत होने के बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े व शंखनाद के साथ बाबा की भस्मार्ती की गई।

भक्त आज के दिन का विशेष इंतजार करते हैं इसलिए आज महाकाल के दरबार में सुबह से ही उत्साह और आनंद का माहोल हे। भस्मारती के दौरान मंदिर परिसर जय महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले श्रध्दालुओं को भी दर्शन का अवसर मिला।

श्रावण माह के अंतिम सोमवार होने से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। लोग देर रात से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए कतार में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार करते नजर आए। जय श्री बाबा महाकाल, बोल बम, हर हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा हैं।

श्रावण – भादो माह में सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाले जाने की भी परंपरा हे। इसलिए आज शाम को बाबा की सवारी भी निकाली जाएगी। मान्यता है की अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए सवारी के रूप में राजा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं। यहाँ बाबा की सवारी के दर्शन के लिए लाखो की संख्या में श्रद्धालु सडको के किनारे घंटो इन्तजार करते है और महाकाल की एक झलक पाकर अपने आप को धन्य मानते हैं।

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