इंदौर: इंदौर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स कलेक्शन किया है। यह पहली बार है जब नगर निगम ने चार अंकों का आंकड़ा पार किया, जिससे शहर के आर्थिक प्रबंधन की मजबूती का प्रमाण मिलता है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व और नागरिकों की भागीदारी से यह संभव हो पाया। महापौर की अपील और निगम अधिकारियों की सक्रियता के चलते जलकर, संपत्ति कर सहित अन्य करों के रूप में यह ऐतिहासिक संग्रह हुआ।
पिछले वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े
2023-24: ₹785 करोड़
2024-25: ₹1,000+ करोड़ (रिकॉर्ड)
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, यह उपलब्धि इंदौर की जागरूक जनता, निगम प्रशासन की सतर्कता और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। पहली बार हमारा टैक्स संग्रह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हुआ है। मैं सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने समय पर टैक्स जमा कर नगर निगम को आर्थिक रूप से और मजबूत किया। यह धनराशि शहर के विकास कार्यों को गति देगी।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन निगम कार्यालयों में देर रात तक कैश काउंटर खुले रहे। शाम 7 बजे तक 980 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे और रात 12 बजे तक 1,000 करोड़ का लक्ष्य पार कर लिया गया। यह निगम प्रशासन की सख्ती और जनता की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है।
नगर निगम इस राशि का उपयोग बुनियादी सुविधाओं के विकास में करेगा। महापौर ने आश्वासन दिया कि यह प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
प्रमुख प्रयास एवं रणनीतियाँ:
समीक्षा बैठकें एवं निगरानी : महापौर एवं आयुक्त, राजस्व प्रभारी द्वारा नियमित रूप से राजस्व वसूली की समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, जिससे अभियान को निरंतर गति मिली।
करदाताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ: अग्रिम कर भुगतान करने वालों को आकर्षक इनाम, छूट एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए, जिससे नागरिकों ने समय पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित महसूस किया।
सार्वजनिक जागरूकता अभियान: करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
डिजिटल एवं कैशलेस भुगतान को बढ़ावा: कर संग्रहण को सुगम बनाने के लिए डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन सेवाओं को प्रोत्साहित किया गया।

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