April 20, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नए चेयरमैन बने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वी रामसुब्रमण्यम

नईदिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वी रामसुब्रमण्यम को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस बात की जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी है। बता दें कि यह नियुक्ति मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत हुई है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का पद एक जून से खाली था, जिस पर अब सोमवार को नियुक्ति हो गई है। रिटायर्ड न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा का बीते एक जून को कार्यकाल पूरा हो गया था। जिसके बाद से ही एनएचआरसी अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के पद छोड़ने के बाद एनएचआरसी की सदस्य विजया भारती सयानी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था।

एनएचआरसी को नियंत्रित करने वाले कानून के मुताबिक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष का चयन करने वाली समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। समिति में लोकसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री, दोनों सदनों के विपक्ष के नेता और राज्यसभा के उपसभापति सदस्य होते हैं।

बुधवार को जब मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के नए प्रमुख के नामों पर विचार करने के लिए बैठक हो रही थी, तब से ऐसी खबरें चल रही थीं कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ इस पद के लिए दौड़ में हैं। हालांकि, जस्टिस चंद्रचूड़ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर विचार किए जाने की खबरों को खारिज कर दिया था। चंद्रचूड़ ने कहा कि कि वह एक निजी व्यक्ति के रूप में अपने सेवानिवृत्त जीवन का आनंद ले रहे हैं और ये महज अफवाहें हैं।

बता दें, कि एनएचआरसी का अध्यक्ष या तो भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होते हैं। चूंकि अध्यक्ष का पद रिक्त था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश विजया भारती सयानी आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रही थीं। इससे पहले यह पद पूर्व मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू के पास था, जिन्हें 2016 में नियुक्त किया गया था। पूर्व सीजेआई केजी बालाकृष्णन ने भी 2010 से 2016 के बीच अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।

बता दे कि मद्रास लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई करने वाले रामासुब्रमण्यम का जन्म 30 जून 1958 को हुआ। अपनी स्कूली पढ़ाई गृह जिले में ही पूरी करने के बाद उन्होंने अपने ग्रेजुएशन चेन्नई के रामकृष्ण मिशन विवेकानंद कॉलेज के किया। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1983 से उन्होंने अपनी वकालत शुरू कर दी। करीब दो दशक तक मद्रास हाईकोर्ट में वकालत करने के बाद 2006 में उन्होंने हाईकोर्ट में ही जज का पद संभाल लिया।

मद्रास हाईकोर्ट में तीन साल तक एडीशनल जज के रूप में काम करने के बाद 2009 में उन्हें स्थाई जज के बनाया गया। सालों तक मद्रास में अपनी सेवाएं देने के बाद जस्टिस रामासुब्रहमण्यम का ट्रांसफर हैदराबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया। जहां पर वह दोनों राज्यों के जज रहे।

तेलंगाना, आंध्र और तमिलनाडु में जज के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके जस्टिस रामासु्ब्रमण्यम को 2019 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्त कर दिया गया। कुछ महीनों तक हिमाचल में अपनी सेवाएं देने के बाद जस्टिस रामासब्रहमण्यम को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियु्क्त किया गया। इसके बाद उन्होंने चार साल तक अपने रिटायरमेंट तक सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवाएं दी। 29 जून 2023 को वह सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में रिटायर हुए।

Share to...