भोपाल: आज बुधवार को भोपाल के जम्मूरी मैदान में उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं सम्मेलन में मध्यप्रदेश की 23 हजार 12 पंचायतों के सरपंच, 52 जिला पंचायतों और 313 जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन को नौ अलग अलग थीम पर बनाया गया था।
जनपद और जिला पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मेलन में सीएम शिवराज की सहजता और सरलता फिर नजर आई है। दरअसल सीएम शिवराज ने सरपंचों को संबोधित करते हुए यह कहा कि आप और मैं एक बराबर, आप गांव की पंचायत के सरपंच हैं और मैं बड़ी पंचायत का सरपंच।
सीएम शिवराज ने सरपंचों से ये अपेक्षा भी की गांव में कोई ऐसी व्यवस्था बनाए जिसे किसी भी प्रकार का कोई लड़ाई झगड़ा ना हो, एफआइआर ना हो, छोटे-मोटे झगड़ों का निपटारा गांव में ही पंचायत स्तर पर हो जाए। उन्होंने ये भी कहा की मैं प्रतिदिन पौधारोपण करता हूं। गांव में भी आप लोग इसे अपनाएं। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपनी पंचायत स्वच्छ हो।
लगातार सरपंचों को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने यह कहा कि अनाज वितरण में किसी ने भी गड़बड़ की, तो सीधे हथकड़ी लगेगी। यह हमने तय किया है। पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव में व्यवस्थाओं को देखें। मकान बनाने का पैसा मकान में ही लगे। हमने 10,000 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। योजना में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। अपने गांव में इसकी चिंता करें। गांव के सभी बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल जाएं, इसकी चिंता करें।
हमने यह व्यवस्था की है कि पढ़ाई के आड़े फीस नहीं आएगी, सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री ने सबसे सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं ताकि इलाज सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान में 83 लाख हितग्राही चिन्हित किए हैं। किसी भी योजना में भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है। गांव का मास्टर प्लान बनाएं और उसमें प्राथमिकताएं तय कीजिए कि कौन सा काम कराना है। कोई भी अधिकारी अब यह तय नहीं करेगा कि कौन सा कार्य करना है। ग्रामसभा काम तय करेगी।
आज बुधवार को भोपाल के जम्मूरी मैदान की गए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं सम्मेलन में मध्यप्रदेश 23 हजार 12 पंचायतों के सरपंच, 52 जिला पंचायतों और 313 जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन को नौ अलग अलग थीम पर बनाया गया था।
वही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी घोषणा करते हुए सरपंचों का मानदेय बनाए बढ़ाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी सरपंचों को ₹1750 मानदेय मिलता है इसे बढ़ाकर ₹4250 किया जा रहा है। अब सरपंचों को ₹4250 प्रति माह मानदेय मिलेगा वहीं सीएम ने पंचायती राज की जो नियम प्रक्रिया अधिकार है उन्हें आप लोग ढंग से पढ़ लेना यह बात कही और कहा कि मैं एससीएस को निर्देश दे रहा हूं कि हर पंचायत में अधिकारो की गाइडलाइन बनाकर भेजें नहीं तो ऐसा होता है कि सरपंच कोई और ही और पंचायत कोई और चला रहा। बिना पढ़े कोई भी प्रस्ताव पर दस्तखत मत करना।
वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी इमानदारी से जनता की सेवा कार्य करें योजनाओं में गड़बड़ी ना करें यदि कहीं कोई गड़बड़ होती है तो उसे ठीक करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। ग्राम सभा की बैठक नियमित अंतराल में होते रहना चाहिए वह ग्रामसभा कागज में ना हो।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरपंचों की मांगों पर मंच से कई ऐलान किए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समस्त निर्माण कार्यों की एसओआर के रेट कम हो। अलग-अलग विभागों के एस आर ओ के रेटों में अंतर ही हमने कहा एस ओ आर में बदलाव कर प्रचलित दरों के हिसाब से नया एसओआर बनाया जाएगा। आज s-o-r की दरें तत्काल बदल दी जाएगी। विभागों के रेट अलग-अलग नहीं होना चाहिए, रोजगार सहायकों की एक पंचायत से दूसरी ग्राम पंचायत में ट्रांसफर की व्यवस्था बनाई जाएगी, वहीं मनरेगा में कपिलधारा के कुआं खोदने की अनुमति को लेकर सीएम ने कहा जहां जरूरी है वहां खोजने की अनुमति दी जाएगी। बढ़ी हुई दरों के हिसाब से रेट तय की जाएंगी। सुदूर संपर्क सड़क योजना में आप खेतों की सड़कों को प्राथमिकता देना गांव की सड़कें हम अलग से बनाएं सुदूर संपर्क सड़क योजना फिर से शुरू कर रहे हैं। इसमें खेतों की सड़कों को प्राथमिकता दें वहीं वित्त राशि बढ़ाने के संबंध में भारत सरकार से बात करेंगे राज्य की राशि को योजनाओं के हिसाब से देने का काम करेंगे। राजस्व विभाग के अंतर्गत नामांतरण बंटवारे के अधिकार ग्राम पंचायत को दिए जाएगे। वही सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी झूठी शिकायत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीपीएल लिस्ट में नाम जोड़ने पर कहा बीपीएल में कुल जनसंख्या के 86% नाम जुड़ चुके है। आपको अधिकार दे रहे की पात्र के नाम की प्रक्रिया करके भेजो उसे उसमें जोड़ा जाएगा कोई गलत नाम जुड़ा है तो उसे काटना चाहिए। साथ ही सीएम ने सभी सरपंचों, जनप्रतिनिधियों से कहा कि मैं सरकार आप सबके साथ मिलकर चलाना चाहता हूं ताकि नीचे तक सारी चीजें ठीक से चले साथ चलेंगे गांव की तस्वीर जनता की तकदीर बदलेंगे अपने गांव को नशा मुक्त बनाने का प्रयास करें वही शहरों की तरह गांव का मास्टर प्लान बनाने की बात कही अब गांव के कोई काम कोई अधिकारी कहीं नहीं करेगा अब ग्राम सभा का मुखी योजना बनाएगी ग्राम पंचायत के विकास को लेकर हर साल का मास्टर प्लान बनाया जाए अब गांव की योजनाएं भोपाल से नहीं बनेगी बल्कि गांव की चौपाल से बनेगी।
