अजय तिवारी,खरगोन: प्रदेश में मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा हैं। कुछ सिस्टम बनने से पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज व मध्यम बारिश का दौर जारी है। बारिश से नदी नाले उफान पर हैं और नदियों में पानी तेज बहाव से बह रहा हैं। कई छोटी नदियों नालो पर बने पुल पुलिया रपट के ऊपर से पानी बह रहा हैं। प्रशासन द्वारा लगातार लोगो को समझाइश दी जाती है कि यदि पुल पुलिया रपट पर पानी हो उसे पार करने की कोशिश नहीं करे। फिर भी लोग है कि लापरवाही करते है और खुद की जान जोखिम में डालकर नदी नाले पार करने की कोशिश करते है। ऐसा ही एक मामला खरगोन जिले से सामने आया है जहां नदी पर बनी पुरानी रपट को पार करते समय बैलगाड़ी बह गई।
खरगोन जिले के गोगांवा थाने के दयालपुरा के पास देर शाम वेदा नदी में बैलगाडी बह गई। नदी में रपट पर पानी होने के दौरान बैलगाडी निकल रही थी इस दौरान बैलगाडी बह गई। हालांकि बडा हादसा टल गया, बैलगाडी पर सवार महिलाओ सहित किसान को ग्रामीणों ने बचा लिया। इस दौरान पानी में डूबने से एक बैल की मौत हो गई और करीब 5 क्विंटल से अधिक का कपास भी नदी में बह गया।
बताया जा रहा है किसान मुरली यादव खेत से देर शाम अपने गांव दयालपुरा लौट रहे थे इस दौरान हादसा हुआ। तीन महिलाऐ सहित चार लोग बैलगाडी पर सवार थे। वेदा नदी पर काफी पुराना रपटा है। पिछले तीन दिन से रूक रूक कर हो रही बारिश से रपट के ऊपर से भी पानी गुजर रहा है।
हालांकि लापरवाही भी सामने आ रही है अगर नदी में और रपट पर से पानी बह रहा है तो ग्रामीणो को अपनी जान जोखिम में नही डालना चाहिये। जल्दबाजी में और मात्र दो किलोमीटर की दूरी से बचने के लिये ग्रामीण नदी में रपट पर पानी होने के बाद जान की परवाह नही कर रहे है। बारिश ज्यादा होने पर ग्रामीण और किसान इंदिरा सागर की नहर के रास्ते से पुल के माध्यम से दयालपुरा पहुंचते है। लेकिन मात्र 2 किलोमीटर के फेर में ग्रामीण जान जोखिम में डाल रहे है। गनीमत रही की बडा हादसा टल गया।

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