ज्ञानवापी का फैसला अब कोर्ट के पाले में चला गया है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं की ओर ध्यान दे तो सोमवार का दिन पूर्णिमा, वह भी वैशाख माह की पूर्णिमा जिसे विशेष माना जाता है। इस दिन काशी में आदिविश्वेशर महादेव का सामने प्रकट होना अपने आप में विशेष होने का संकेत देता है। इतिहास के पन्नों में बाहर निकल आए पन्ना रत्न के शिवलिंग और इस स्थान की कई अन्य विशेषताओं को हम आपको इा खबर में बता रहे है।
ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के आखिरी दिन वहां स्थित तालाब या कुएं से शिवलिंग मिलने के दावे के बाद वाराणसी कोर्ट ने शिवलिंग के संरक्षण का आदेश देते हुए शिवलिंग वाले परिसर को सील करने के आदेश दिए हैं। शिवलिंग मिलने की सूचना के तुरंत बाद हिन्दू पक्ष ने वाराणसी कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया था।
प्रार्थना पत्र में शिवलिंग के संरक्षण की मांग की गई थी। प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वाराणसी के जिला अधिकारी और सीआरपीएफ कमांडेंट को शिवलिंग के संरक्षण के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है उस परिसर को सील कर दिया जाये। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारियां तय करते हुए कहा कि जिला अधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेशित किया जाता है कि जिस स्थान को सील किया गया है उसके संरक्षित और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी व्यक्तिगत मानी जाएगी।
गौरतलब है कि आज ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का आखिरी दिन था, दावा किया जा रहा है कि परिसर में शिवलिंग मिलते ही वहां मौजूद लोग ख़ुशी से झूम उठे, हर हर महादेव के नारे लगने लगे। दावा किया जा रहा है जैसे ही वजूखाने का पानी निकाला गया सभी की ऑंखें फटी रह गई वहां 12.8 व्यास का शिवलिंग मिला। हिन्दू पक्षकार सोहनलाल आर्य ने कहा कि बाबा मिल गए, नंदी को कब से इनका इंतजार था।
उधर मुस्लिम पक्ष शिवलिंग के दावे को ख़ारिज कर रहा है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि जो दावा हिन्दू पक्ष कर रहा है वह गलत है उधर कोर्ट कमिश्नर अजय सिंह और अन्य वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारियों ने कोर्ट का हवाला देते हुए पूरे मामले चुप्पी साध ली। बहरहाल कल 17 मई कप सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट में पेश की जाएगी उसके बाद आगे की कार्यवाही तय होगी।
पन्ना पत्थर का बेशकीमती शिवलिंग
यह वही शिवलिंग है, जिसे अकबर के वित्त मंत्री टोडरमल ने 1585 में स्थापित कराया था। तब उनके साथ बनारस के पंडित नारायण भट्ट भी थे। शिवलिंग का ऊपरी कुछ हिस्सा औरंगजेब की तबाही में क्षतिग्रस्त हो गया था। यह शिवलिंग बेशकीमती पन्ना पत्थर का है। रंग हरा है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में जिसे तहखाना कहा जा रहा है वह असलियत में मंदिर मंडपम है। जो लोग भी तहखानों की बात कर रहे हैं, वे सभी मंडपम हैं। इन्हें तहखाना के बजाय मंडपम कहें तो बेहतर होगा। डॉ तिवारी ने बताया कि उनके परिवार के पंडित नारायण भट्ट ने पन्ना पत्थर का शिवलिंग स्थापित कराया था। 90 के दशक में वाराणसी के डीएम रहे सौरभ चंद्र श्रीवास्तव ने तब मंडपम में ताला बंद कराया था तो उस समय भी अंदर फोटोग्राफी हुई थी, जिसमें वह शामिल थे। उस समय देखा था कि अंदर नंदी के ठीक सामने ही शिवलिंग है।
दीवारों पर है हिंदू आकृतियां
मिली जानकारी के अनुसार जब गुंबद की तरफ सर्वे किया गया तो एक दीवार पर हिन्दू परंपरा के आकार दिखे, जिसे सफेद चूने से रंग गया है। सर्वे की टीम ने इसकी वीडियोग्राफी की और प्रतीक चिन्ह का भी जिक्र किया जिनसे उनकी बात को बल मिल रहा है। सर्वे के दौरान पता चला कि मस्जिद के पश्चिमी हिस्से की एक दीवार है, जिसके पीछे एक खंडहरनुमा अवशेष है। हिंदू पक्ष की मांग है कि मलबा हटाकर वहां का सर्वे किया जाए। हिंदू पक्ष ने मस्जिद में कुछ जगहों पर पुताई पर भी सवाल उठाए हैं।
हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में शनिवार को सर्वे के दौरान दीवारों पर त्रिशूल और स्वास्तिक के निशान दिखे। इनकी बनावट का कोर्ट कमिश्नर व अधिवक्ताओं ने आकलन किया। दावा किया जा रहा है कि एक तहखाने में मगरमच्छ का शिल्प भी देखा गया है।
नीचे चारों कोनों पर मंडपम
1868 में रेव एमए शेरिंग द्वारा लिखित द सेक्रेड सिटी ऑफ हिंदू किताब में बताया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद के नीचे चारों कोनों पर मंडपम हैं। ज्ञान मंडपम, श्रृंगार मंडपम, ऐश्वर्य मंडपम और मुक्ति मंडपम। विदेशी लेखक अल्टेकर ने इन चारों मंडपम की साइज 16-16 फीट की बताई गई है। गोलंबर की ऊंचाई 128 फीट है।

More Stories
होर्मुज में भारतीय जहाज पर गोलीबारी के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब, दर्ज कराया विरोध
राज्यमंत्री श्रीमती गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का किया शुभारंभ,19 को गंगोत्री यमुनोत्री, 22 को केदारनाथ व 23 को बद्रीनाथ के खुलेंगे कपाट