India : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर परफॉर्म करने वाले एनसीसी कैडेट्स (NCC), एनएसएस (NSS) वॉलेंटियर्स और सांस्कृतिक कलाकारों से संवाद किया। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि राजपथ पर जब आप जोश के साथ कदम-ताल करते हैं तो हर देशवासी उत्साह से भर जाता है। जब आप भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपरा और विरासत की झांकी दिखाते हैं तो हर देशवासी का माथा गौरव से ऊंचा हो जाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड भारत की महान सामाजिक, सांस्कृतिक विरासत के साथ ही, हमारी सामरिक ताकत को भी नमन करती है। ये परेड दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को जीवंत करने वाले हमारे संविधान को नमन करती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारा देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस वर्ष गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व भी है। इसी वर्ष हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती भी बना रहे हैं।
अब देश ने यह तय किया है कि नेताजी के जन्म दिवस को हम पराक्रम दिवस के रूप में मनाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हमें देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने का अवसर नहीं मिला। लेकिन हमें देश ने अपना सर्वश्रेष्ठ अर्पित करने का अवसर जरूर दिया है। हम देश को मजबूत बनाने के लिए जो कर सकते हैं, वो करते ही रहना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस की तैयारियों के दौरान आपने भी महसूस किया होगा कि हमारा देश कितनी विविधताओं से भरा है।
अनेकों भाषाएं, अनेकों बोलियां, अलग-अलग खान-पान कितना कुछ अलग है, लेकिन भारत एक है। उन्होंने कहा कि भारत यानी कोटि-कोटि सामान्य जन के खून पसीने, आकांक्षाओं, अपेक्षा की सामूहिक शक्ति। भारत यानी राज्य अनेक, राष्ट्र एक। भारत यानी समाज अनेक, भाव एक। भारत यानी पंथ अनेक, लक्ष्य एक। भारत यानी भाषाएं अनेक, अभिव्यक्ति एक। भारत यानी रंग अनेक, तिरंगा एक।

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