500 मीटर चौड़ीकरण किया तो महाकाल भक्तों पर फुल की जगह बरसेंगे पत्थर !
उमेश चौहान
उज्जैन । प्रदेश की हिन्दूवादी सरकार ने महाकाल मंदिर क्षेत्र से हिंदुओ को हटाने की फुल प्लानिंग कर ली है, उसने महाकाल मंदिर के आगे 500 मीटर चौड़ीकरण की योजना तैयार की है जिसे मूर्त रूप देना भी शुरू कर दिया है, पहले चरण में 100 मीटर के दायरे में आ रहे होटल, मकान, दुकानों को तोड़ने के नोटिस चस्पा किये गए है इसके बाद आगे की योजना पर अमल होगा, ये प्रस्ताव महाकाल मन्दिर और शहर के उन जनप्रतिनिधियों ने बनाया है जो संघ और भाजपा से सबंधित है, इनका मानना है कि ऐसा करने से महाकाल मंदिर का विस्तार और सौंदर्यीकरण होगा लेकिन योजना बनाने वाले मठाधीश ये बात भुल गए कि 500 मीटर के इस दायरे के बाद कौन से मोहल्ले आते है, कितनी मुस्लिम बस्तियां बसी हुई है, इन हिन्दू परिवारों के हटने के बाद महाकाल मन्दिर और भक्तों की सुरक्षा कितने संकट में आ सकती है ।
बतादें की महाकाल मंदिर के इस 500 मीटर के दायरे में ही कुछ हिन्दू परिवार निवास कर रहे है जिनके कारण श्रद्धालुओं पर फूल बरस रहे है अगर इन्हें यहां से हटा दिया जाता है तो आने वाले समय में महाकाल भक्तों पर पत्थर बरसने से कोई नही रोक सकता, महाकाल से होने वाली आय पर भी मुस्लिम समाज के लोगो का ही अधिकार हो जाएगा इतना ही नही आप जिस रास्ते से आएंगे उस रास्ते पर मुर्ग मसल्लम की दुकानें और हरे झंडे नजर आने लगेंगे , यहां हम किसी धर्म की बुराई नही कर रहे जो वास्तविकता और पुराने कड़वे अनुभव है सिर्फ उसे बयां कर रहे है । हालांकि चौड़ीकरण को लेकर विरोध के स्वर मुखर हो गए है जिसे देखकर मुख्यमंत्री ने भी महाकाल विस्तृत योजना को रहवासियों के सुझाव से करने का आदेश दिया है लेकिन उक्त आदेश को सिर्फ निगम चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है रहवासियों को यकीन है कि चुनाव समाप्त होते ही चौड़ीकरण और विस्तार का जिन्न फिर बोतल से बाहर आएगा ।
यहां बसे है 500 हिन्दू परिवार ..
महाकाल मंदिर क्षेत्र काफी पुराना है, यहां की बसाहट भी पुरानी है मंदिर से रोजगार पाने की चाह में यहां अग्रीम पंक्ति में ब्राह्मण परिवार, द्वितीय पंक्ति में कुछ अन्य समाज के लोग एवं तृतीय पंक्ति में वाल्मीकि समाज एवं अन्य दलित परिवार के लोग निवास करते है जिसके बाद बेगमबाग़, कोट मोहल्ला, तोपखाना, सहित करीब आधादर्जन मुस्लिम बस्तियां बसी हुई है जिनमें 20 हजार से अधिक मुस्लिम समाज के लोग निवास करते है, अगर मंदिर के आगे वाले हिस्से को 500 मीटर तक चौड़ा किया जाता है तो महाकाल घाटी, गुदरी और कोट मोहल्ला तक चौड़ीकरण होगा जिससे प्रथम, द्वितीय और तृतीय पंक्ति के करीब 500 हिन्दू परिवार बेघर हो जाएंगे, सरकार इन्हें तो मुआवजा देकर कहीं पुनर्स्थापित कर देगी लेकिन इनके हटने के जो दुर्गामी परिणाम सामने आएंगे क्या इस पर किसी का ध्यान नही है, क्या योजना बनाने वाले लोग खाती समाज की रथ यात्रा, आरएसएस के पथ संचलन, दुर्गा विसर्जन के जुलूस और कावड़ यात्रा पर पथराव की घटनाएं भुल गए है
क्या उन्हें नही पता कि कोट मोहल्ला, बेगमबाग़, वजीरपार्क, तोपखाना की होटलों में श्रद्धालुओं के साथ क्या होता है, कुछ समय पुर्व ही एक आर्मी के जवान और उसके परिवार के साथ होटल में किस तरह की बर्बरता हुई थी, इन रास्तों पर श्रद्धालुओं को किस तरह असुरक्षित भाव से निकलना पड़ता है अगर इन हिन्दू परिवारों को यहां से हटा दिया जाता है तो महाकाल मंदिर और भक्तों की सुरक्षा का जिम्मा किनके भरोसे रहेगा यह भी अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को सोच लेना चाहिए, वैसे ही उज्जैन सिमी गतिविधियों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहता है इन क्षेत्रों से कई लोग पुर्व में भी पकड़े जा चुके है ,आये दिन दंगे फसाद होते रहते है जिन्हें ये हिन्दू परिवार झेलते है और तटस्थता के साथ डटकर मुकाबला करते है बाद में इन्हें कौन रोकेगा !
ये मोहल्ले करेंगे भक्तों की अगुवाई ..
अगर भाजपा नेताओं की प्लानिंग सफल हो जाती है तो इंदौर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु अगर मंदिर के अगले हिस्से से प्रवेश करेंगे तो उन्हें पहले वजीर पार्क और फिर बेगमबाग़ क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ेगा, मार्ग अभी भी वही है लेकिन तब नजारा अलग होगा, यदि श्रद्धालु ट्रेन, बस से देवासगेट मालीपुरा होकर महाकाल जाएगा तो तोपखाना, कोट मोहल्ला उसका स्वागत करेंगे और यदि गुदरी की और से आता है तो वहां टँकी के पीछे स्थित बस्ती के लोगो से उसे रूबरू होना पड़ेगा । इन्ही क्षेत्रो में उसे रुकना पड़ेगा, खाना-पीना पड़ेगा और घूमना पड़ेगा अभी वह महाकाल मंदिर के आगे वाले क्षेत्र में बनी होटलों, दुकानों और बाजार में घुमकर भस्मार्ती का इंतेजार कर लेता है और दिन में भी नीडर होकर रह लेता है लेकिन 500 मीटर चौड़ीकरण के बाद उसे हर वक्त अपनी सुरक्षा का भय सताता रहेगा । इसलिए हमारा अनुरोध है कि शासन प्रशासन एक बार पुनः इस 500 मीटर चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर विचार कर ले और इसके परिणामो पर भी ।

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