देश में एकबार फिर तूफान का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (Weather Department) की ओर से जारी ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि सीजन का पहला कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी पर बन गया है।
यह विशाखापट्टनम के दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 490 किमी दक्षिण-पूर्व और नरसापुर से 520 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में मौजूद है। धीरे-धीरे यह पश्चिमी एवं उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्काइमेट वेदर की मानें तो यह आगामी 24 घंटों में अपने असल वजूद में आ जाएगा।
स्काइमेट वेदर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह तूफान आंध्र प्रदेश के नरसापुर और विशखापट्टनम के बीच टकराएगा। इसके प्रभाव के चलते पूर्वी तटों पर घने बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया है। अनुमान है कि यह 12 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचेगा।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि इस क्षेत्र के चलते आंध्र प्रदेश के तटीय भागों, उत्तरी तटवर्ती तमिलनाडु के क्षेत्रों और दक्षिण तटवर्ती ओडिशा में कम से कम 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। यही नहीं इसके चलते कई इलाकों में मध्यम से ज्यादा भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
तूफान के खतरे को देखते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने राज्य में लोगों को बेहद सतर्क रहने को कहा है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार आने वाले 2 दिनों में राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। रविवार को राज्य के कई स्थानों से भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राज्य में सोमवार और मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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