April 24, 2026

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मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में 14 मंत्री ऐसे जो विधायक नहीं हैं, सिंधिया को हुआ फायदा

शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के 71 दिन बाद आखिरकार उनकी पूरी टीम बन गई, लेकिन इसमें सिंधिया खेमा ज्यादा फायदे में रहा। गुरुवार को 28 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 9 सिंधिया खेमे से हैं, जबकि 7 शिवराज सरकार में पहले मंत्री रह चुके हैं। शपथ लेने वाले 28 नेताओं में से 20 को कैबिनेट और 8 को राज्य मंत्री बनाया गया है। 4 नेता ऐसे हैं, जो 3 महीने पहले तक कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे थे।

शिवराज की टीम में अब उन्हें मिलाकर 34 मंत्री हैं। इनमें 2018 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हुए हैं। 14 मंत्री पूर्व कांग्रेसी हैं। इनमें से अभी एक भी विधायक नहीं है। मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब 14 मंत्री विधायक नहीं हैं। बीते 100 दिन में सिंधिया समर्थकों और कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। कमलनाथ सरकार में 6 मंत्री सिंधिया समर्थक थे। शिवराज सरकार में 11 मंत्री सिंधिया कोटे से हैं। इनमें कांग्रेस छोड़कर आए और आज मंत्री बने 3 और नेताओं को जोड़ लें, तो इनकी संख्या 14 हो जाती है।

कमलनाथ सरकार में सिंधिया खेमे के 6 विधायक मंत्री थे। गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी और महेंद्र सिंह सिसोदिया। ये सभी शिवराज की सरकार में अब कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं। इनमें से राजपूत और सिलावट ने 21 अप्रैल को शिवराज की मिनी कैबिनेट में शपथ ले ली थी।

गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह ने ली मंत्री पद की शपथ ली। एदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग ने ली मंत्री पद की शपथ ली। इमरती देवी, डॉ प्रभु राम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रेम सिंह पटेल, ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद भदौरिया, मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने मंत्री पद की शपथ ली।

भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, राम खेलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव गिरराज दंडोतिया, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।

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