सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर बुधवार को सुनवाई हुई। इसमें मुस्लिम पक्ष की ओर से मंगलवार को दिए गए बयान पर यू-टर्न ले लिया गया। मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से जफरयाब जिलानी ने अपना पक्ष रखना शुरू किया था। इसके बाद एएसआई की ओर से अदालत में पक्ष रखा गया।
एएसआई की रिपोर्ट पर सवाल उठाने वाली दलील अब पहली अपील में सुनने से संविधान पीठ ने साफ इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट को लेकर जो आपत्ति आप यहां उठा रहे हैं आपने ट्रायल के दौरान तो ये बातें नहीं कहीं। इस मुद्दे पर आपकी दलीलें भी जोरदार और ठोस नहीं हैं क्योंकि कोर्ट ऐसे मुद्दे पर जब विशेषज्ञों की कोई कमेटी बनाती है तो उसमें कोई भी कमी या गलती हो तो उस बारे में बताएं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि इस रिपोर्ट को लेकर उस समय ऐसा कुछ नहीं हुआ था। लिहाजा सीपीसी के नियम-26 के अनुसार भी हम इसे यहां यानी पहली अपील में नहीं सुन सकते। मुस्लिम पक्षकारों की ओर से एएसआई की रिपोर्ट पर मीनाक्षी अरोड़ा वो आपत्तियां जता रही थीं जो ट्रायल के दौरान कोर्ट के संज्ञान में नहीं लाई गईं। सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों कि रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर के तौर पर प्रक्रिया के अनुरूप थी, आपकी कोई आपत्तियां जायज नहीं हैं, क्योंकि पहली अपील में आपने आपत्ति नहीं जताई।
अयोध्या केस : मुस्लिम पक्षकारों को झटका, एएसआई की रिपोर्ट पर दलील नहीं सुनेगा कोर्ट

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