बीते कुछ महीनों से देश की इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। इस सुस्ती को दूर करने के लिए सरकार एक्सपोर्ट यानी निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए।
अब सरकार हर साल मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन करेगी। निर्मला सीतारमण के अनुसार मार्च 2020 से इस फेस्टिवल का आयोजन देश के 4 शहरों में किया जाएगा। ये शॉपिंग फेस्टिवल जेम्स एंड ज्वेलरी, योगा एवं टूरिज्म, टैक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र से जुड़े होंगे। आसान भाषा में समझें तो यह हर साल आयोजित होने वाले दिल्ली के प्रगति मैदान के ट्रेड फेयर की तरह होगा। हालांकि, इसका दायरा बड़ा होगा। मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन दुबई जैसे शहरों में होता है।
सरकार की ओर से एक्सपोर्ट में लगने वाले समय को कम करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। मतलब यह कि एक्सपोर्ट के वक्त जो बंदरगाहों पर जो प्रक्रिया अपनाई जाती है उसे आसान किया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने बताया कि अभी देश के बंदरगाहों पर गुड्स की क्लियरिंग में काफी समय लगता है। इसे कम करने के उपाए किए जाएंगे। उन्होंने अमेरिका और चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पोर्ट पर क्लियरेंस में 1 दिन से भी कम का समय लगता है जबकि हमारे देश में क्लियरेंस में 1 दिन से ज्यादा लग जाते हैं।
एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निर्यात उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट स्कीम लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस स्कीम से खजाने पर अनुमानित 50,000 करोड़ रुपये का बोझ आने का अनुमान है। आरओडीटीईपी स्कीम 1 जनवरी 2020 से पहले की मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम का स्थान लेगी। एमईआईएस के तहत सरकार प्रोडक्ट और देश के आधार पर शुल्क पर लाभ उपलब्ध कराती रही है। सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का एक्सपोर्ट अगस्त में एक साल पहले की तुलना में 6 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गया है।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि एक्सपोर्ट में ई-रिफंड जल्द लागू होगा। इसके साथ ही एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस स्कीम निर्यात ऋण बीमा योजना का दायरा बढ़ाएगा। इस कदम से सरकार पर सालाना 1,700 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। प्राथमिकता वाले सेक्टर के तहत एक्सपोर्ट क्रेडिट के लिए 36,000 करोड़ से 68,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त जारी किए जाएंगे।
वहीं सरकार ने रोजगार और मांग की दृष्टि से महत्वपूर्ण आवास निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं को उनके आखिरी चरण का काम पूरा करने के लिये कर्ज उपलब्ध कराने हेतु 10 हजार करोड़ रुपए की विशेष सुविधा देने की शनिवार को घोषणा की। यह सहायता ऐसी परियोजनाओं को ही मिलेगी जो दिवाला संहिता के तहत एनसीएलटी में जाने या गैर निष्पादित सम्पत्ति घोषित होने से बची हुई हैं।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हाउजिंग क्षेत्र को गति देने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का फंड 60 प्रतिशत तक पूरे हो गए लटके प्रॉजेक्ट को देने की घोषणा की है। हालांकि इसमें शर्त यह होगी वह प्रॉजेक्ट एनपीए और एनसीए न हो। सरकार के इस ऐलान से दिल्ली-एनसीआर में अपने घर का इतंजार कर रहे हजारों निवेशकों को लाभ मिल सकता है।

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