April 19, 2026

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25 दिसम्बर ऐसे बना क्रिसमस, ऐसे आए ट्री और सांता क्लॉज

क्रिसमस डे ईसाई धर्म के लोगों का प्रमुख पर्व है। यह पर्व विश्व में फैले ईसा मसीह के करोड़ों अनुयायियों के लिए पवित्रता का संदेश लाता है। इन दिनों हर जगह क्रिसमस डे की रौनक है। क्रिसमस को पूरी दुनिया में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसे बड़ा दिन के भी नाम से जाना जाता है। क्रिसमस का पर्व प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन प्रभु ईसा मसीह का जन्म हुआ था। क्रिश्चियन समुदाय की ओर से इस त्योहार को लेकर अभी से समारोह आयोजित करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
बाजार में भी क्रिसमस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में सांता क्लॉज ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए टहल रहे हैं। क्रिसमस के दिन लोग एक.दूसरे मिलते हैं, पार्टी करते हैं, घूमते हैं और चर्च में प्रेयर करते हैं। घर पर विशेष तौर पर केक बनाए जाते हैं और खिलाए जाते हैं। बच्चे इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करते हैं। क्रिसमस की एक रात पहले बच्चे घरों में मोजे लटकाते हैं, उन्हें लगता है कि रात में सांता क्लॉज आएगा और उन मोजों में उनके लिए गिफ्ट रख कर जाएगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस सीक्रेट सांता की क्या कहानी है या फिर क्यों क्रिसमस के दिन क्रिसमस ट्री को लाया और सजाया जाता है। आज हम आपको क्रिसमस से जुड़े कुछ ऐसे ही सीक्रेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि 25 दिसंबर को ही क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है। क्या आपको पता है कि इस तारीख को लेकर कई बार विवाद हो चुके हैं। बाइबल में जीसस के जन्म की कोई तारीख नहीं दी गई है। लेकिन फिर भी पूरे विश्व में 25 दिसंबर को ही क्रिसमस डे मनाया जाता है। दरअसल रोमन के पहले ईसाई सम्राट के समय में 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाया गया था। इसके कुछ सालों बाद पोप जुलियन ने आधिकारिक तौर पर 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाने का एलान किया, तभी से हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमिस डे मनाया जाने लगा।
आपने भी क्रिसमस डे के मौके पर लोगों के घरों में क्रिसमस ट्री जरूर देखा होगा या आप अपने घर में खुद लाए भी होंगे। लोग अपनी इच्छानुसार छोटे.बड़े क्रिसमस ट्री लाते हैं और उसे बड़ी ही खूबसूरती से सजाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिसमस डे के दिन क्रिसमस ट्री को क्यों लाया और सजाया जाता है। ये इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं? आइए हम आपको बताते हैं कहां से शुरू हुई क्रिसमस ट्री की कहानी। क्रिसमस ट्री की शुरुआत उत्तरी यूरोप में हजारों सालों पहले हुई। उस समय लोग देवदार के पेड़ को सजाकर विंटर फेस्टिवल मनाया करते थे। इसके अलावा लोग चेरी के पेड़ की टहनियों को भी सजाया करते थे। जो लोग इन पौधों को खरीद नहीं पाते थे, वो लकड़ी का पिरामिड बनाकर क्रिसमस मनाया करते थे। धीरे-धीरे क्रिसमस ट्री का चलन हर जगह बढ़ा और अब हर कोई क्रिसमस के मौके पर इस पेड़ को अपने घर लाता है और इसे टॉफी, चॉकलेट्स, खिलौने, लाइट्स, बेल्स और गिफ्ट्स से सजाता है।
आपने भी बचपन में कई बार अपने घर में मोजे टांगे होंगे और इस उम्मीद में रात बिताई होगी कि सांता क्लॉज आएगा और उसमे आपके लिए तोहफे छोड़ कर जाएगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस सीक्रेट सांता की कहानी कहां से शुरू हुई। प्रचलित कहानियों के अनुसार चौथी शताब्दी में एशिया माइनर की एक जगह मायरा में सेंट निकोलस नाम का एक शख्स रहता था। सेंट निकोलस बहुत अमीर था, लेकिन उसके माता-पिता का देहांत हो चुका था। वो हमेशा गरीबों की चुपके से मदद करता था और उन्हें सीक्रेट गिफ्ट दिया करता था। यह सीलसीला अब भी जारी है।

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