प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब दुनिया में सबसे ऊंची प्रतिमाओं का इतिहास खंगाला तो चाइना में बुद्ध की प्रतिमा सबसे ऊंची 128 मीटर थी, उसके बाद अमरीका का स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी 90 मीटर पर भारत में वह भी नदी के पट में 182 मीटर लंबी प्रतिमा को खडा करने का सपना देखना और उसे साकार करना एक बडी चुनौती वाला काम है। शिल्पकार पद्मश्री राम सुथार व उनके पुत्र अनिल सुथार अब अपनी कला को दुनिया के सामने लाने को बेताब हैं। उन्होंने बताया कि जब मोदी को इसका खयाल आया तो अमेरिकन आर्किटेक्चर माइकल ग्रेस और टनल एसोसिएट्स कंपनी को साथ लेकर इस पर शोध किया गया। भारत में लगी सरदार की विविध प्रतिमाओं का महीनों अवलोकन कर सरदार के नैन नक्श व चेहरे की आक्रति को रूप दिया गया। मोदी चाहते थे कि सरदार लोगों के दिलों में जिस तरह बसे हैं प्रतिमा का स्वरूप भी वैसा ही होना चाहिए।
मोदी ने काम का जिम्मा सरदार सरोवर नर्मदा निगम के अध्यक्ष, गुजरात के हाइवे व कैनालमेन एस एस राठौड को सौंपा। सरदार सरोवर नर्मदा बांध, हाइवे व हजारों किमी नर्मदा नहर बनाने वाले राठौड की देखरेख में स्टेच्यू ऑफ युनिटी एक रिकार्ड समय करीब 44 माह में बनकर तैयार हो गई। जबकि अमरीका की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण में 5 साल का वक्त लगा। वहीं चाइना में बुद्ध की 420 फीट ऊंची यह प्रतिमा करीब 90 साल में बनी थी। शिल्पकार राम सुथार का कहना है कि प्रतिमा की सिंधु घाटी सभ्यता की कला से बनाया गया है। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, सरदार ने देश के एक करीब 600 देश रजवाडों का को मिलाकर देश का एकीकरण किया था, इसलिए देश के सभी राज्यों को इसका न्यौता भेजा जा रहा है।
नया अजूबा हो सकती है सरदार पटेल की मूर्ति, 31 को होगा उद्घाटन

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