अमृतसर। इराक के मोसुल में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट द्वारा मारे गए भारतीय नागरिकों के अवशेषों को लेकर विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह भारत लौट आएं है। वह सबसे पहले पंजाब गए हैं। यहां अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार मरने वाले हर शख्स के परिवार को 5 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी। वीके सिंह रविवार को इराक के लिए रवाना हुए थे। सिंह ने रवाना होने से पहले कहा कि साल 2014 में मोसुल पर कब्जा करने के बाद 39 भारतीयों की हत्या कर दी गई थी। एक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाने के कारण 38 भारतीय नागरिकों के अवशेष ही भारत लाए गए।
वीके सिंह शवों को लेकर सबसे पहले पंजाब के अमृतसर गए और बिहार के पटना जाकर मृतकों के परिजनों को अवशेष सौंपेंगे। मारे गए 39 लोगों में 27 पंजाब से और 4 बिहार से थे। गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 20 मार्च को संसद को सूचित किया था कि इराक में मजदूरी का काम कर रहे जिन 39 भारतीयों का 2014 में मोसुल से अपहरण हो गया था, उनकी हत्या हो गई है। इससे पहले इराक से बच निकले हरजीत मसीह ने दावा किया था कि आईएस ने 39 भारतीयों की गोली मारकर हत्या कर दी है। इसके जबाव में विदेश मंत्री ने कहा था कि जब तक इस संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं मिल जाता, वे किसी की मृत्यु की पुष्टि नहीं कर सकतीं। मंत्री ने कहा था कि लापता 39 भारतीय नागरिकों में से 38 के डीएनए नमूनों के आधार पर उनकी शिनाख्त हुई थी।
इराक से 38 भारतीयों के पार्थिव अवशेष लेकर लौटे वीके सिंह

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