उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में गरमी शुरू हो गई है। सूरज आसमान से आग बरसाने लगा है। ऐसे में इस ब्रह्मांड में ऊर्जा के केंद्र भगवान महाकाल को भी गर्मी लगने लगी है। लिहाजा उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए 11 मटकियों की गलन्तिका बनाकर अभिषेक किया जा रहा है।
बाबा महाकाल को गर्मी से बचने के लिए रविवार को बैशाख कृष्ण प्रतिपदा पर भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल की जलाधारी के ऊपर 11 मटकियों की गलन्तिका बनाकर टांगी गई और राजाधिराज का देश की विभिन्न पवित्र नदियों के पावन और शीतल जल से अभिषेक शुरू हुआ। महाकाल मंदिर के पुजारी के अनुसार गर्मी के 2 महीने बैशाख और जेठ में गलन्तिका बनाकर देवाधिदेव महाकाल का अभिषेक किये जाने की परम्परा है। चूंकि भगवान शिव अनन्त ऊर्जा के केंद्र है और जलधारा उन्हें अत्यंत प्रिय है। इसलिए गर्मी के 2 महीने बैशाख और ज्येष्ठ में गलन्तिका बनाकर राजाधिराज महाकाल का अभिषेक करने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं औऱ अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।
गर्मी से बचाने के लिए महाकाल पर बंधी गलन्तिकाएं, शीतल से होता रहेगा अभिषेक

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