अण्णा हज़ारे के अनशन का दूसरा दिन था। अण्णा किसान और लोकपाल के मुद्दे पर अनशन पर बैठे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बीपी कम हुआ है पर शुगर लेवल अभी ठीक है। अण्णा हज़ारे अपने आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से ऐसे हलफ़नामे ले रहे हैं ताकि उनके आंदोलन से फिर कोई राजनीति में शामिल न हो। इस हलफ़नामे में लिखा है कि आंदोलन में शामिल होने वाला कोई भी राजनीति में नहीं जाएगा और अगर जाएगा तो उसके ख़िलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इसमें लिखा है कि शामिल होने वाला कोई भी कभी भी अण्णा हज़ारे का नाम किसी व्यक्तिगत काम में नहीं इस्तेमाल करेगा। अण्णा हज़ारे ऐसे हलफ़नामे इसलिए ले रहे हैं ताकि कोई अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, योगेंद्र यादव उनके आंदोलन से दोबारा न पैदा हो सकें।
आंदोलन में अण्णा के साथ अनशन कर रहे कुछ किसान नेताओं में से एक किसान नेता भारत सेन अनशन के दौरान बेहोश हो गए। डॉक्टरों के अनुसार उनका शुगर लेवल बेहद कम हो गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। इस दौरान अण्णा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जो लोग मेरे साथ अनशन कर रहे हैं कि उनसे मेरी विनती है कि वो पानी ज़्यादा पिएं। भरत सेन हमारे साथ अनशन कर रहे थे, बीना मध्यप्रदेश से थे। इन्होंने पानी नहीं पिया था।
अण्णा का अनशन दूसरे भी जारी, एक किसान की हालत बिगड़ी

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