April 23, 2026

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साल में एक बार खुलते है पट, लाखों श्रद्धालु करते है दर्शन

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी बड़े ही धूम धाम से मनाई जा रही है। महाकालेश्वर मंदिर के शिखर के मध्य में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट परंपरा अनुसार रात्रि 12 बजे खोले गए। भगवान नागचंद्रेश्वर के पूजन के बाद मंदिर में रात से ही श्रद्धालु दर्शन कर रहे है। दर्शन का यह सिलसिला लगातार 24 घंटे तक चलता रहेगा। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक ही बार नागपंचमी पर खोले जाते है।
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर मे नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन की महत्ता है। यहाँ महाकाल मंदिर के शीर्ष पर भगवान नागचंद्रेश्वर का अति प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में नाग पर विराजत शिव पार्वती की अति दुर्लब मूर्ति है। मान्यता है कि मंदिर में नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के दर्शन और पूजन से शिव पार्वती दोनों ही प्रसन्न होते है साथ ही सर्प भय से भी मुक्ति मिलती है। श्रद्धालु यहाँ नाग की प्रतिमा पर दूध चढाते है। उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मन्दिर 11 वी शताब्दी के परमार काल में बना है। नागचंद्रेश्वर के मंदिर में शेष नाग पर विराजित भगवान शिव तथा पार्वती के साथ भगवान गणेश और कार्तिक भी विराजित है बताया जाता है की यह प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए प्रशासन ने माकूल इंतजाम किये है। सुरक्षा के लिए करीब एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए है। श्रधालुओ की सुविधा के लिए बेरीकेट लगाए गए है ताकि दर्शन आसानी से हो सके। महाकाल प्रबंधन समिति द्वारा नाग पंचमी की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है आज रात से रात्रि 12ः00 बजे नागचंद्रेश्वर के पट खुले जाएंगे तथा परंपरा अनुसार 12ः00 बजे महंत प्रकाश पुरी महाराज पुजन करेगें फिर पंडित पुरोहित द्वारा कलेक्टर एसपी द्वारा इसकी पूजन अर्चन कर सभी दूर के गेट खोल दिए जाएंगे तथा श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
भगवान महाकाल के दरबार में स्थित नागचंद्रेश्वर का मंदिर वर्ष में केवल एक बार ही खुलता ह।। नागपंचमी पर खुलने वाले इस मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु शाम से ही कतार में लग जाते है।

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