केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों ने दिल्ली हिंसा को बढ़ाने का काम किया। रेड्डी ने एक कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार दंगे फैलने के कारणों की तह तक जाने की पूरी कोशिश कर रही है।
अगर कोई साजिश हुई है तो उसे सामने लाया जाएगा। पिछले सप्ताह हमने दिल्ली में कुछ गड़बड़ी देखी। दुर्भाग्यवश इसमें एक बहादुर कॉन्स्टेबल समेत कई निर्दोष लोगों की जान गई। उनकी संपत्तियों का नुकसान हुआ।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर पिछले हफ्ते हिंसा भड़की थी। इसमें अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में फिलहाल पुलिस बल तैनात है।
प्रशासन ने यहां एक महीने के लिए धारा 144 लगाई है। पुलिस ने अब तक 167 एफआईआर दर्ज कीं, 870 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। विपक्षी पार्टियां हिंसा के लिए भाजपा नेताओं के भड़काऊ बयानों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं।
गृह राज्यमंत्री ने सीएए पर कहा कि मैं दोहराना चाहता हूं कि यह कानून किसी भारतीय की नागरिकता लेने के लिए नहीं है। यह सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के सताए गए लोगों को नागरिकता देने के लिए है। देश की इच्छा के खिलाफ 1948 में भारत का विभाजन हुआ था।
उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि दोनों देशों के अल्पसंख्यकों के अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे। पिछली सरकार भी नागरिकता कानून लाई थी, अब वे किस आधार पर इसका विरोध कर रहे हैं।

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