पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली भंग करने की प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश रविवार को मंजूर कर ली। हालांकि इस कदम को विपक्षी दलों ने असंवैधानिक करार दिया और इसे कानूनी रूप से चुनौती देने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। इससे देश में राजनीतिक और संवैधानिक संकट और गहरा गया है। इससे पहले यह माना जा रहा था कि इमरान को नेशनल असेंबली में विपक्षी राजनेताओं के गठबंधन द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में हार का मुंह देखना पड़ेगा।
इस बीच पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री इमरान खान ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर हुआ क्या है। हालांकि मैंने अपने समर्थकों से पहले ही कह दिया था कि घबराएं नहीं। उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल में बाहरी दखल था।
दिनभर चली सियासी उठापटक के बाद इमरान खान ने कहा कि विपक्ष को इस बात का अंदाजा ही नहीं है कि उनके साथ क्या हुआ है। इमरान खान ने कहा कि मैंने कल ही कह दिया था कि घबराना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने जो फैसला लिया है, उससे विपक्ष घबरा गया है। साथ ही अपने समर्थकों से कहा कि चिंता न करें।
