Ujjain : महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwer Mandir) में शिवरात्रि (Shivratri) का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है और भक्तों का जनसैलाब भी इस मौके पर उमडता है लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते 11 मार्च को होने वाली महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासन ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं कोरोना को देखते हुए महाशिवरात्रि के दिन भस्मारती में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। यह निर्णय गुरुवार को मंदिर प्रबंध समिति और प्रशासन के बीच हुई बैठक में लिया गया। बैठक में महाशिवरात्रि को लेकर सुझावों पर चर्चा हुई।
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि अभी भस्मारती में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है, इसीलिए महाशिवरात्रि को दिन में होने वाली भस्मारती में भी यह रोक जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोरोना के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वीआईपी, पंडे-पुजारियों और मीडिया के लोगों को दर्शन की अलग से व्यवस्था होगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। 22 फरवरी की बैठक में शिवरात्रि के स्वरूप को लेकर निर्णय होगा।
- 3 मार्च को वस्त्र एवं चंदन
- 4 मार्च को शेषनाग
- 5 मार्च को घटाटोप
- 6 मार्च को छबीना
- 7 मार्च को होल्कर
- 8 मार्च को मनमहेश
- 9 मार्च को उमा-महेश
- 10 मार्च को शिव तांडव
- 11 मार्च को महाशिवरात्रि
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिवरात्रि को नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। 9 दिनों में बाबा को विभिन्न रूपों में सजाया जाता है। अंतिम दिन महाशिवरात्रि को बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में दर्शन देते हैं।

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