कोलकाता। भारत के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ मामलों के आवंटन और कुछ न्यायिक आदेशों को लेकर एक तरह से बगावत करने वाले उच्चतम न्यायालय के 4 वरिष्ठ न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि कोई संकट नहीं है। न्यायमूर्ति गोगोई एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आये थे। कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि संकट सुलझाने के लिए आगे का क्या रास्ता है, इस पर उन्होंने कहा कि कोई संकट नहीं है। यह पूछे जाने पर कि उनका कृत्य क्या अनुशासन का उल्लंघन है, गोगोई ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि मुझे लखनऊ के लिए एक उड़ान पकड़नी है। मैं बात नहीं कर सकता। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राज्य विधिक सेवा प्राधिकारियों के पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आये थे।
गौरतलब है कि न्यायालय के 4 वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया और कहा कि शीर्ष अदालत में हालात सही नहीं हैं और कई ऐसी बातें हैं जो अपेक्षा से कहीं कम थीं। प्रधान न्यायाधीश के बाद दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जे चेलमेश्वर ने कहा कि कभी उच्चतम न्यायालय का प्रशासन सही नहीं होता है और पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई चीजें हुई हैं जो अपेक्षा से कहीं कम थीं।
विवादों के बाद जज रंजन गोगोई बोले न्यायपालिका में कोई संकट नहीं है

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