April 18, 2026

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रेलवे परिसरों और ट्रेनों में 3 साल में 160 दुष्कर्म की हुई वारदातें

सख्त कानूनों के बावजूद दुष्कर्म की वारदातें रुक नहीं रही हैं। आरटीआइ से प्राप्त जानकारी के अनुसार साल 2017 और 2019 के बीच ट्रेनों और रेलवे परिसरों में दुष्कर्म की 160 वारदातें हुई हैं। हालांकि, रेलवे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार दुष्कर्म की वारदातों में कमी जरूर आई है। साल 2017 में दुष्कर्म की 51 वारदातें हुईं जो वर्ष 2019 में कम होकर 44 रह गईं। साल 2018 में इन वारदातों में इजाफा देखा गया और रेलवे ने 70 घटनाएं रिपोर्ट कीं।

नीमच के आरटीआइ कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौड़ की ओर से डाली गई आरटीआइ के जवाब में जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार साल 2017 और 2019 के बीच रेलवे परिसरों में दुष्कर्म की 136 वारदातें हुईं जबकि चलती ट्रेनों में 29 मामले दर्ज किए गए। इस तरह दुष्कर्म की कुल 165 घटनाएं रेलवे ने दर्ज कीं। साल 2019 में दुष्कर्म की जो 44 घटनाएं दर्ज की गईं उनमें 36 घटनाएं रेलवे परिसरों में जबकि 8 वारदातें ट्रेनों में हुईं।

साल 2018 में दुष्कर्म की जो 70 वारदातें हुईं उनमें 59 रेलवे परिसरों में जबकि 11 घटनाएं चलती ट्रेनों में हुईं। वहीं साल 2017 में 41 घटनाएं रेलवे परिसरों में जबकि 10 चलती ट्रेनों में हुईं। उक्त जानकारी से साफ है कि यात्रा के लिए महफूज मानी जा रही रेलवे भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। उक्त अवधि में रेलवे ने महिलाओं के प्रति अपराध के 1,672 मामले दर्ज किए जिनमें 802 रेलवे परिसरों में हुए जबकि 870 घटनाएं चलती ट्रेनों में हुईं।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उक्त 3 वर्षों में 771 मामले अपहरण के जबकि 4,718 मामले लूट के और 213 केस हत्या की कोशिश के दर्ज किए गए। इसी अवधि में हत्या के 542 मामले भी दर्ज किए गए। मालूम हो कि रेलवे में पुलिसिंग का क्षेत्राधिकार राज्यों के अधीन होता है।

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