रमजान के महीने में मतदान होने के फैसले के विरोध के बीच चुनाव आयोग ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि किसी भी शुक्रवार या त्योहार के दिन मतदान नहीं हैं। चुनाव आयोग ने रमज़ान के महीने में चुनाव कराने के फ़ैसले पर उठ रहे सवालों को नकारते हुए कहा कि चुनाव कार्यक्रम में मुख्य त्योहार और शुक्रवार का ध्यान रखा गया है। मामले में आयोग की ओर से कहा गया कि रमज़ान के दौरान पूरे महीने के लिए चुनाव प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस दौरान ईद के मुख्य त्योहार और शुक्रवार का ध्यान रखा गया है। गौरतलब है कि आप और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने रमज़ान के दौरान चुनाव कराने को लेकर आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए जानबूझ कर ऐसा चुनाव कार्यक्रम बनाने का आरोप लगाया था।
वहीं लोकसभा चुनाव के बीच में रमजान पड़ने पर लखनऊ के मौलानाओं ने भी ऐतराज जताते हुए आयोग से तिथियों में फेरबदल करने की मांग की है। ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नाराजगी जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग से मुसलमानों की भावना का खयाल रखने और चुनाव तिथि रमजान माह से पहले या बाद में करने की मांग की है। फरंगी महली ने कहा कि 5 मई से रमजान शुरू हो जाएगा। चांद देखने के बाद पहला रोज 6 मई को पड़ेगा। ऐसे में गर्मी के कारण मुस्लिमों को दिक्कत हो सकती है। इन बातों का ध्यान रखते हुए आयोग तिथियों में बदलाव कर दें तो बेहतर होगा।
रमजान में वोटिंग विरोध पर बोला चुनाव आयोग, त्योहार का ध्यान रखा गया

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