April 17, 2026

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मध्यप्रदेश में पारे के साथ राजनैतिक पारा भी गरम, गुड्डू और अजीत ने मचाई हलचल

कोरोना संकट से जुझ रहे मध्यप्रदेश में पारा गरम होने के साथ-साथ राजनीति भी चरम पर चल रही है। राजनीति उठापटक में सभी अपने रोटियां सेकने में लगे है अब डर इस बात का है कहीं रोटियां सेकने में एक बार फिर मध्यप्रदेश राजनीति की तपन से झुलस न जाए। जब कोरोना की शुरूआत हुई थी तब भी मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक तेजी पर थी। विधानसभा चुनाव से ही मध्यप्रदेश में सियासत है जिसे अब तक एकरूपता नहीं मिली है। सिंधिया के आने के बाद से बीजेपी में भी कांग्रेस जैसे जुलगबंधी नजर आ रही है। याने कि यह भी अब संतुष्ट से ज्यादा असंतुष्ट लोग नजर आने लगे है। खेर फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नहीं गुड्डू ने हलचल मचा रखी है।

पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू और उनके बेटे अजीत बौरासी ने रविवार दोपहर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में फिर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। इसके पहले वे पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ से मिले। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के साथ कांग्रेस के अन्य नेता वहां मौजूद रहे। माना जा रहा है कि गुड्डू सांवेर विधानसभा सीट से उपचुनाव में खड़े होकर कांग्रेस की ओर से तुलसी सिलावट को चुनौती देंगे।

पिछले कुछ दिनों से भाजपा और प्रेमचंद गुड्डू एक दूसरे पर पत्रों के जरिए निशाना साध रहे थे। प्रेमचंद गुड्डू ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी सिलाटव के भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें निशाना बनाया था। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस दिया था, इस पर गुड्डू ने कहा था कि वे पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। फिर कुछ समय बाद भाजपा ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। गुड्डू ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा था कि जब मैं पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुका हूं, ऐसे में यह क्यों किया गया।

उन्होंने कहा था कि वे इस पूरे प्रकरण को लेकर न्यायालयीन प्रक्रिया भी अपना रहे हैं। भाजपा ने 19 मई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों से उनके वापस कांग्रेस में लौटने की अटकलें चल रही हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के समय गुड्डू और उनके बेटे अजीत बौरासी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। यह सियासी पारा और वक्त बतायेगा की ऊट किस करवट बैठेगा।

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