April 18, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

बंगाल में हिंसा, दिल्ली में बारिश, भारत में बंद का मिला जुला असर, पायलट ने संज्ञान लेने को कहा

दिल्ली में विरोध करने देशभर से लोग पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने रखा। बारिश के कारण लोगों को खास दिक्कतों का सामने करना पड़ा लेकिन बंद का समर्थन करने पहुंचे लोगों के अपने बात सरकार तक पहुंचने का प्रयास किया। दिल्ली में भारत बंद का खास असर नहीं दिखा। परिवहन सामान्य रहा और स्कूल-कॉलेज सामान्य रूप से खुले। बाजार भी अन्य दिनों की तरह खुले नजर आए।

वहीं, महाराष्ट्र में भी राष्ट्रव्यापी बंद का कुछ खास असर देखने को नहीं मिला है, क्योंकि देश की वित्तीय राजधानी कही जाने वाली मुंबई समेत कई जिलों में यातायात और बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। राज्य में अब तक किसी भी तरह की अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। मुम्बई की जीवन-रेखा कही जाने वाली उपनगरीय ट्रेनें, बसें, ऑटो-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहन सामान्य रूप से चल रहे हैं। पुणे में भी यातायात सेवा पर बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शैक्षणिक संस्थान और कारोबारी प्रतिष्ठान भी आम दिन की तरह ही खुले हैं।

मध्य प्रदेश में भी बुधवार को बंद का कोई बहुत ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। प्रदेश में परिवहन और अन्य सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। इसके अलावा बाजार और पेट्रोल पंप भी खुले रहे। हालांकि आल इंडिया बैंक इम्पलॉइज एसोसिएशन और ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले कुछ कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। भोपाल के एमपी नगर में रैली भी निकाली।

आंध्र प्रदेश में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को भारत बंद के आह्वान पर विशेषकर विशाखापत्तनम में सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों में अधिकतर कर्मचारी नदारद रहे। अधिकतर बैंक भी बंद रहे। विजयवाड़ा में राधम सेंटर से लेनिन सेंटर तक रैली निकाली गई। मचिलिपत्नाम में कोनेरू सेंटर से रैली निकाली गई। तिरुपति से मिली खबरों के अनुसार पुलिस ने युवा संगठनों को शव यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले ले जाने से रोका।

पंजाब और हरियाणा में सार्वजनिक बैंकों, परिवहन विभाग, डाक घर और किसानों के कई संगठनों ने हिस्सा लिया। सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल में हिस्सा लेने से पंजाब और हरियाणा में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा है। ट्रेड यूनियन कर्मियों ने पंजाब में लुधियाना, जालंधर और बठिंडा समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ। कई स्थानों से हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के कई स्थानों पर रेल एवं सड़क यातायात बाधित किया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। पूर्वी बर्दवान जिले में विभिन्न स्थानों पर जलते हुए टायर डाले गए और सड़कें बाधित की गई। इसके अलावा रेलवे पटरियों को भी अवरुद्ध किया गया जिससे रेल यातायात बाधित हुआ। पूर्वी मिदनापुर जिले में बसों पर पथराव किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया जिसके बाद झड़प शुरू हो गई और इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय श्रमिक संगठनों के भारत बंद का संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि उसकी संवादहीनता के कारण देश का हर वर्ग दुखी है। सचिन पायलट ने देशव्यापी हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि हर वर्ग आज दुखी है, फिर चाहे वह सरकारी कर्मचारी हों, या मध्यम वर्ग, गरीब तबका या छात्र। सरकार को आज के बंद का संज्ञान लेना चाहिए। बंद या हड़ताल तब होती है जब सारे विकल्प विफल हो जाते हैं। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार की तरफ से संवाद की बहुत कमी है।

Share to...