कोरोनासंकट संकट और सीमा पर चीन के साथ तनातनी के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री में चीन के साथ जारी गतिरोध पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन कोरोना संकट पर देशवासियों को सतर्कता बरतने और सरकार द्वारा गरीबों को दी जाने वाली मदद के बारे में देशवासियों को जानकारी दी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही देशवासियों को अनलॉक के दौरान की जा रहा लापरवाही के बारे में आगह किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते लड़ते अब हम अनलॉक 2 में प्रवेश कर रहे हैं।
इसके साथ ही हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं, जिसमें सर्दी जुकाम खांसी बुखार आदि बढ़ जाते हैं। मेरी आप सबसे प्रार्थना है कि ऐसे समय में अपना ध्यान रखें। अगर हम कोरोना से होने वाली मौतों की तुलना करें तो हम संभली हुई स्थिति में है। समय पर हुए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है। लेकिन हम यह भी देख रहे हैं। कि जब से देश में अनलॉक1 हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक तौर पर लापरवाही बढ़ती ही चली गई है। पहले हम मास्क को लेकर दो गज की दूरी को लेकर 20 सेकंड दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे लेकिन आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना चिंता का कारण है।
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों लॉकडाउन खोलने पर बहुत नियमों का पालन करना था। देश के नागरिकों को उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है। विशेषकर कन्टेनमेंट जोंस पर हमें बहुत ध्यान देना होगा, जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा। आपने देखा होगा कि एक देश के पीएम पर 13 हजार रु का जुर्माना इसलिए लग गया क्योंकि वो सार्वजनिक स्थल पर मास्क नहीं पहनकर गए थे। भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती के साथ काम करना चाहिए। भारत में गांव और या देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

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