April 18, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

नेताजी की जेब…

हाल ही में हमारे लोकप्रिय नेताजी ने टेलर से खद्दर का कुर्ता सिलवाया। वैसे तो नेताजी को जींस टीशर्ट का शौक है, पर राजनीति में ऐसे शौक को दरकिनार करना पड़ता है। तो नया-नया कुर्ता सिलकर तैयार था। पर ये क्या! टेलर महाशय तो कुर्ते में जेब लगाना ही भूल गए।

ये देख नेताजी को गुस्सा तो बहुत आया, पर वे मुफ्त में मिले कुर्ते से हाथ धोना नहीं चाहते थे। मन को मसोरकर उन्होंने कुर्ता पहन ही लिया। आदत के अनुसार अब नेताजी के हाथ जेब में जाने के लिए मचलते पर नेताजी हाथ मलते ही रह जाते। वैसे उनके हाथ जेब से कुछ निकालने के लिए कम जेब में कुछ डालने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। इस कुर्ते के कारण ही सही पर नेताजी की बहुत सी आदतें बदलती जा रही थी।

अब उस दिन की ही बात ले लो। एक व्यक्ति अपना तबादला रुकवाने नेताजी के पास पहुंचा। गुलाबी नोटों की गड्डी नेताजी के आगे कर दी। उनके हाथ आगे बढ़े ही थे कि उन्हें जेब ना होने की बात याद आ गई। हाथ आए रुपये ऐसे छूटे की नेताजी के पसीने-पसीने छूट गए। अब आए दिन इस तरह की घटनाएं होना आम बात हो गई। नेताजी बिना लिए काम करने के लिए प्रसिद्ध हो गए और नेताजी अपनी बदली हुई आदत से परेशान हो गए।

नेताजी से ज्यादा परेशान तो उनके बिना जेब के कुर्ते से उनके चमचे थे। कई बार उनका मन किया कि इस कुर्ते को ही आग लगा दे पर नेताजी से मुफ्त का माल छीनना आसान नहीं था। आखिरकार वो वक्त आ ही गया जिसका चमचो को इंतजार था। विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए नेताजी को बुलाया गया। गलती से वे उस दिन बिना जेब वाला अपना वही कुर्ता पहन सभा में पहुँच गए। और उस दिन वो हो गया जो राजनीति के इतिहास में अब तक नहीं हुआ।

नेताजी ने जैसे ही जेब से विधायक निकालने की कोशिश की उन्हें याद आया विधायक तो होटल के कमरे में दूसरे कुर्ते की जेब में रह गए। जेब ना होने से वहीं हुआ जिसका उन्हें डर था। नेताजी की सरकार अल्प बहुमत से गिर गई। होटल पहुँचते ही नेताजी ने बिना जेब के कुर्ते की होली जलाई। होली जलते ही चमचों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नेताजी की आँखों में खुशी के आँसू थे और जनता की आँखों में गम के।
✒️ प्रो.वन्दना जोशी

Share to...