भारत आज 26 जनवरी को 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस पर कर्त्तव्य पथ पर परेड निकाली गई। कर्तव्य पथ पर आकाश मिसाइल, अर्जुन टैंक जैसे घातक हथियारों ने सेना के शौर्य को दिखाया, आसमान में प्रचंड और राफेल समेत 50 विमानों की उड़ान ने सीमाओं से परे भारतीय वायु सेना की शक्ति प्रदर्शित किया। 90 मिनट की परेड में 23 झांकियां निकली। इनमें राज्यों की और मंत्रालयों-विभागों की झांकियां शामिल रहीं।
जहां यूपी की झांकी में अयोध्या की झलक दिखी, तो वहीं गृह मंत्रालय द्वारा नशा मुक्त भारत की झांकी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की झांकी में ‘नारी शक्ति’ को दर्शाया गया। आखिर में भारतीय सेनाओं के 50 विमानों ने फ्लाई पास्ट किया।
देश में पहली बार आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ से राष्ट्र का नेतृत्व किया। इस बार गणतंत्र दिवस पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी (Abdel Fattah El-Sisi) मुख्य अतिथि थे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के सेना प्रमुख मौजूद रहे। इसके बाद पीएम मोदी कर्तव्य पथ पहुंचे, यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।
गणतंत्र दिवस परेड लगभग 10. 30 बजे शुरू हुई। यह 90 मिनट चली। इसमें देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा मिश्रण दिखा। जो देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं, नारी शक्ति और एक ‘न्यू इंडिया’ की झलक दिखाता है। पहली बार 21 तोपों की सलामी 105 मिमी की भारतीय फील्ड गन से दी गई। इन फील्ड गन ने पुरानी 25 पाउंडर बंदूक की जगह ली, जो रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ‘आत्मनिर्भरता’ को प्रदर्शित करती है. 105 हेलिकॉप्टर यूनिट के चार MI-17 1वी/वी5 हेलिकॉप्टर कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों पर पुष्प वर्षा की।

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