April 18, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

त्यौहार सावन में…

राखी का आ गया है त्यौहार सावन में,
बिखरा हुआ है चारो तरफ प्यार सावन में।

संगीत नया रच रही बारिश की सभी बूंदें,
बरसी है जब भी रिमझिम फुहार सावन में।

भाई की कलाई पे जब बहना ने बांधी राखी,
बरसी थी नभ से प्यार की बौछार सावन में।

फैनी मिठाई घेवर चंदन सजा थाली में,
राखी में भरके बांधा दुलार सावन में।

हम सारे भाई बहन जब एक साथ मिलते,
होती है मीठी मीठी तकरार सावन में।

सरहद पर खड़े रहकर महफूज हमें रखते,
उन्हें बंधती रहे राखी हर बार सावन में।

नदिया उफान पर है नाले चढ़े हुए हैं,
ऐसे में इनको करना ना पार सावन में।

बरसो गुजर गए हैं तुम्हें याद करते करते,
बेदर्द आ भी जाओ इस बार सावन में।

जी भर के निहारेंगे हम तेरी पालकी को,
निकलेगी जब सवारी सोमवार सावन में।

-प्रो रवि नगाइच
शास इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन

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