April 18, 2026

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चीन को हम भी पछाड़ सकते है जरूरत है इन उपयो का अपनाने के साथ जागरूकता और एकजुट होने की

चीन का विरोध करने की मांग अब तेज हो गई है। कोरोना वायरस के चलते चीन का बहिष्कार किये जाने की बात तो उठ ही रही थी लेकिन भारत पर हुए हमले की सभी जवाबी कार्यवाही जल्द चाहते है। चीन के विरोध में सरकार क्या कार्यवाही करती है यह बाद की बात है। फिलहाल आम भारतीय व्यक्ति चीन को आर्थिक तौर पर कमजोर बना सकता है। भारत के पास ऐसे बहुत से माध्यम है जिससे चीन को बिना सीधी लड़ाई लड़े भी हराया जा सकता है।

जिसके प्रयास शुरू भी हो गए है। चीन से मास्क के बढ़ते आयात को रोकने और निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए छोड़ी-बड़ी लगभग एक सौ घरेलू कंपनियां मास्क उत्पादन के क्षेत्र में उतर गई हैं। मास्क की क्वालिटी बनाए रखने के लिए घरेलू निर्माताओं के साथ आयातित मास्क का भी परीक्षण किया जाएगा। एन-95 कटेगरी का मास्क बनाने वाली घरेलू कंपनियों को अब भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानक पर खरा उतरना होगा।

ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड के महानिदेशक का कहना है कि देश के अस्पतालों में एन-95 कटेगरी के मास्क का उपयोग होता है। वेलस्पन और अरविंद मिल्स जैसी बड़ी कंपनियों ने मास्क बनाने के लिए आईएसआई मानक के लिए आवेदन किया है। इनमें वेलस्पन की प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता डेढ़ लाख और अरविंद मिल्स की दो लाख मास्क की है। मास्क की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभी भी चीन से मास्क का आयात हो रहा है, लेकिन आयातित मास्क की क्वालिटी की जांच बीआईएस की लैबोरेटरी में किया जा रहा है। इसी सप्ताह चीन से पहुंची दो खेप मास्क की जांच कोयंबटूर के मिडास और मुंबई के मैग्नम लैब में किया जा रहा है।

वहीं ऐसे कई प्रोडक्ट है जिनका आयात चीन से किया जाता है। इलेक्ट्रानिक उपकरणों का निर्यात भी चीन से बड़ी मात्रा में होता है जिसे भारत में बनाकर चीन को बॉयकाट किया जा सकता है। आज भारत इतना सक्षम है कि वह निर्माण कार्य के लिए अपनी यूनिट तैयार कर सकता है। लेकिन जरूरत सिर्फ पहल की है। साथ ही बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे कार्टून शो भी अधिकांशतः चायना की देन है इसे फिर बदल कर मोगली और अन्य माध्यमों पर लाने का प्रयास करना चाहिए।
इस तरह के प्रयास से मेड इन चायना के बजाये मेड इन इंडिया के प्रोडक्ट को खरीदा जाना चाहिए। देश सेवा एक इस माध्यम से भी की जा सकती है कि हम स्वदेशी उपकरणों और सामानों का उपयोग करें। इससे भारत की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी और चीन को करारा जवाब आप खुद भी दे पाएगे।

– राजेन्द्र तिवारी

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