गणतंत्र दिवस आज के दिन भारत देश यानि कि हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। सही मायने में देखे तो संविधान हमारी रक्षा और देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए लागू किया गया था। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में संविधान के मायने कुछ बदलते नजर आ रहे हैं। हमें मौलिक अधिकार इसलिए मिले थे कि हम हमारे जीवन में कोई असुरक्षा या फिर कोई समस्या का सामना करें तो इन मौलिक अधिकारों के द्वारा हम हमारी रक्षा कर सकें लेकिन मौलिक अधिकार आज महज कुछ समुदाय और व्यक्ति विशेष लोगों के लिए उत्पाद और हंगामा मचाने का साधन बन गया है। ऐसा नहीं कि मौलिक अधिकार का उपयोग हमेशा गलत ही किया जाता है परंतु वर्तमान में कुछ लोगों द्वारा इसका दुरुपयोग किया जाने लगा है।
हमारा संविधान कई देशों के संविधानों से मिलकर बना है इसलिए ऐसा माना जाता है कि हमारे संविधान में बहुत कुछ खास है और हो भी क्यों ना क्योंकि यह भारत देश का संविधान है। जहां एकता और अखंडता का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन बात फिर वही आती है यह पाठ सिर्फ वही लोग समझते हैं जो सही मायने में भारत को अपना देश समझते हैं।
संविधान में ऐसे तो बहुत से अनुच्छेद हैं जो अपराधियों को सजा दिलाने और सही गलत के बीच में सही को इंसाफ दिलाने के काम आते हैं लेकिन कुछ अपराधी तत्व ऐसा मानते हैं कि संविधान में यदि किसी चीज या अपराध की सजा मुकर्रर की गई है तो उस सजा से बचने यह उपाय भी दिए गए हैं। तभी तो लोग बिना संकोच के अपराध किए जाते हैं और दूसरे लोगों के अधिकारों का आसानी से हनन करते हैं। वर्तमान समय में अपराधिक तत्वों ने बच्चों और औरतों को अपना निशाना बनाना सबसे आसान समझ रखा है। जरूरत है कि अब सिर्फ संविधान के भरोसे अपनी रक्षा ना की जाए, वरन अपने आप को मजबूत बनाया जाए। ताकि कोई अपराधी मौलिक अधिकार को अपनी जागीर समझ कर अपराध ना कर सके और हम मौलिक अधिकार को अपनी ताकत समझकर अपनी शक्ति के साथ गलत का सामना कर सके। निश्चित तौर पर हमारे समाज में कई लोगों के विचार यही है लेकिन कुछ इन विचारों को रोकने का प्रयास करते हैं। जरूरी है कि हम हमारे बच्चों और महिलाओं को इतना सशक्त बनाए कि कोई भी उन पर या उनके परिवार पर हानि पहुंचाने से पहले संविधान के और सशक्तिकरण के हर पहलू को सोचने पर मजबूर हो जाए।
आज के परिदृश्य में हमें मजबूत होने की ज्यादा जरूरत है। निश्चित तौर पर हमारा संविधान सालों साल हमारे अधिकारों की रक्षा करता रहेगा लेकिन प्रयास तो हमें भी करने पड़ेंगे। यहां किसी एक घटना के बारे में बात नहीं की जा रही। जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश हमारा है यहां होने वाली हर घटना से हर एक नागरिक का सरोकार है। बात चाहे आतंकवादी हमले की हो या मंदिरों में दर्शन करने की। सभी से हमारा सब का नाता है।
न्यूज़ प्रवाह की ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
हीना तिवारी

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