उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर बड़ी जानकारी दी है। एसटीफ ने बताया है कि विकास दुबे को लेकर जा रही गाड़ी कैसे हादसे का शिकार हुई। एसटीएफ के अनुसार काफिले के सामने गाय-भैंस का झुण्ड भागते हुए रास्ते पर आ गया था। ड्राइवर ने इन जानवरों को दुर्घटना से बचाने के लिए गाड़ी को अचानक से मोड़ दिया। गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट आई। विकास दुबे इस हादसे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहा और उसको मार गिराया गया।
सरेंडर करने के बाद ऐसा क्या फिर की विकास दुबे भागा। फिल्मी अंदाज में उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकांउटर कई सवाल खडे़ करते है। फिल्मी अंदाज में उज्जैन में अचानक से महाकाल मंदिर पहुंचना और अचानक भैसों का सामने आना गाड़ी पलटना। इसके बाद बंदूक लेकर भागना और छाती पर गोलियां लगना। साथ ही पुलिस वालों को गोली का छूकर निकल जाना किसी फिल्मी सिन से कम नहीं लगता है।
गौरतलब है कि उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह गिरफ्तार होने वाला गैंगस्टर विकास दुबे, लगभग 24 घंटे के अंदर एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार विकास की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। उसके साथ मौजूद 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए, विकास दुबे ने उनका रिवॉल्वर छीना, भागने की कोशिश की, पुलिस की कार्यवाही में गोली लगी। अस्पताल पहुंचकर विकास दुबे की मौत हो गई। पुलिस की इस थ्योरी के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद अब एसटीएफ ने घटना की पूरी जानकारी दी है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह गिरफ्तार होने वाला गैंगस्टर विकास दुबे, लगभग 24 घंटे के अंदर एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के अनुसार विकास की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। उसके साथ मौजूद 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए, विकास दुबे ने उनका रिवॉल्वर छीना, भागने की कोशिश की, पुलिस की कार्यवाही में गोली लगी। अस्पताल पहुंचकर विकास दुबे की मौत हो गई, हालांकि राजनीतिक दल पुलिस की इस थ्योरी को गलत बता रहे हैं।
स्पेशल टास्क फोर्स ने कहा कि कानपुर के पास कन्हैया लाल अस्पताल के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाय-भैंस का झुण्ड भागते हुए आ गया। लंबी यात्रा से थके हुए ड्राइवर ने जानवरों को दुर्घटना से बचाने के लिए अपने वाहन को अचानक से मोड़ दियाए जिसके कारण गाड़ी पलट गई। अचानक हुई इस घटना से इस वाहन में बैठे हुए पुलिसकर्मी घायल हो गए। विकास दुबे भागने का प्रयास किया। उसने पुलिस अधिकारी के पिस्टल को भी छीना।
पिस्टल छीनकर वह हाइवे से उतरकर नीचे की ओर कच्चे मार्ग पर भागने लगा। पीछे से आ रही दूसरी गाड़ी में बैठे पुलिस अधिकारी दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी के पास पहुंचे। घायल पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि विकास दुबे अचानक हुई इस घटना का लाभ उठाकर पुलिस अधिकारी रमाकांत चौधरी की सरकारी पिस्टल छीनकर कच्ची सड़क की ओर भाग गया।
इसके बाद अन्य पुलिस अधिकारियों ने उसका पीछा किया, लेकिन विकास दुबे छीनी हुई पिस्टल से फायरिंग करने लगा। एसटीएफ ने कहा कि अपराधी को जिंदा पकड़ने की पूरी कोशिश की गई। पुलिस अधिकारी उसके काफी नजदीक भी पहुंच गए थे। लेकिन उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कोई अन्य विकल्प नहीं होने के कारण पुलिसकर्मियों को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।

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