भोपाल। मध्यप्रदेश समेत देश के 22 राज्यों के किसान अपनी मांगों के लिए हड़ताल कर रहे हैं। 1 जून से 10 जून तक चलने वाले आंदोलन का मिला जुला असर देखने को मिला। सब्जियां जहां महंगी हो गईं तो वहीं कई जगहों पर दूध सड़कों पर बहा दिया। इसी मामले में बैतूल के 3 किसानों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है।
किसान आंदोलन को समर्थन दिखाने के चक्कर मे दूध फेंकने का फर्जी विरोध वायरल करना बैतूल में 3 किसानों को भारी पड़ गया। व्हाट्सएप वीडियो के वायरल होने के बाद बैतूल कोतवाली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर तहसीलदार कोर्ट में पेश किया है। तीनों किसानों फूलचंद, रामकरन, दिनेश के खिलाफ धारा 151 के तहत 35-35 हजार का बॉन्ड भरवाया गया। पुलिस ने समिति सचिव संभु को शिकायतकर्ता बनाया। सचिव ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जबरदस्ती दस्तखत करवाए हैं। किसान का कहना है कि देश के किसानों का सारा ऋण एक साथ माफ किया जाए। सभी फसलों पर लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य को बढ़ाया जाए। छोटे किसान या फिर किसी अन्य की भूमि पर खेती करने वाले किसानों की आय मासिक तौर पर निर्धारित होनी चाहिए।
किसानों को आंदोलन के दौरान सड़क पर दूध बहाना पड़ा महंगा, गिरफ्तार

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