उत्तराखंड: उत्तराखंड का जोशीमठ धंस रहा है। यहां के करीब 600 घरों में दरारें आ गई है। 4,677 वर्ग किलोमीटर में फैले इलाके से करीब 600 परिवारों को निकालने का काम चल रहा है करीब 5000 लोग दहशत में हैं उन्हें डर है कि उनका घर कभी भी ढह सकता है। सबसे ज्यादा असर शहर के रविग्राम, गांधीनगर और सुनील वार्ड में है। उत्तराखंड के जोशीमठ में मकानों में दरारे और पानी आने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक और लोगों में दहशत का माहौल है तो वही सरकार पर लापरवाही के आरोप भी लगाए जा रहे हैं वहीं अब मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है।
उत्तराखंड की जोशीमठ में जमीन धंसने और घरों में दरार आने के बाद राज्य सरकार ने 600 परिवारों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। वही ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें जोशीमठ में जमीन धंसने को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और लोगों की मदद के लिए अदालत से दखल देने की मांग की गई हैं। दायर याचिका में यह भी मांग की गई है जोशीमठ के निवासियों की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को निर्देश दिया जाए। शंकराचार्य ने कहा पिछले 1 साल से जमीन धंसने के संकेत मिल रहे थे। लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज ज्योति जोशीमठ जाएंगे।
जोशीमठ में अब तक शहर के 603 मकानों में दरारें आ चुकी हैं। 100 से ज्यादा घर में हालात खतरनाक हो चुके हैं। हजारों लोगों की रिहायश पर खतरा पैदा हो गया है। वहीं 44 परिवारों को अब तक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जा चुका है। नाजुक स्थिति को देखते हुए हेलंग मारवाड़ी बायपास और NTPC की पनबिजली परियोजना की सभी निर्माण गतिविधियों को तुरंत रोक दिया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि 600 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। सीएम धामी ने मिश्रा कमेटी और निर्माण के खिलाफ सलाह देने वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर सवालों के जवाब देते हुए कहा कि सभी निर्माण गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।
सर्वेक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि हमने स्थिति देखी है। जमीन धंसने की घटनाएं हुई हैं, गली और घरों में दरारें आ गईं हैं। यह आपदा का समय है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ धार्मिक स्थल है। उन्होंने कहा कि नुकसान कम से कम हो, इसको लेकर काम किया जा रहा है. इस मामले को लेकर अगली बैठक देहरादून में विशेषज्ञों के साथ की जाएगी।
सीएम धामी ने कहा कि जोशीमठ में कई घर तबाह हो गए हैं। होटल प्रभावित हुए हैं। दो इलाके ज्यादा प्रभावित हैं। नरसिंह मंदिर पर भी असर पड़ा हैं। लोगों को राहत दिए जाने को लेकर सीएम ने कहा कि 600 परिवारों को शिफ्ट करने की योजना बना ली गई है।
मिश्रा समिति की रिपोर्ट पर सीएम बोले कि कई रिपोर्ट सौंपी गई हैं और कई इकट्ठी की जा रही हैं। अभी किसी फैसले पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने एनटीपीसी को लेकर कहा कि सभी निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है।

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