April 17, 2026

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उज्जैन में सीएम शिवराज ने दिया किसानों को उपहार, कोरोना से जंग के लिए मिली यह सौगात

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज उज्जैन पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन के माधव नगर अस्पताल में बने नए कोविड-19 आईसीयू का शुभारंभ किया। कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों का उपचार हो सकेगा। बेड की संख्या बढ़ी यह उज्जैन के लिए सौगात के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से 22 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा के 4686 करोड़ रुपये डाले. मुख्यमंत्री कहा कि प्रदेश में कोई मंडी बन्द नहीं होगी। किसानों को सुविधा देंगे कि वे अपनी उपज कहीं भी बेचें।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज उज्जैन में प्रधानमंत्री फसल बीमा वितरण के कार्यक्रम में कम्प्यूटर पर एक क्लिक के द्वारा प्रदेश के 22 लाख किसानों के खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा के 4 हजार 686 करोड़ रुपये की राशि डाली। इस अवसर पर मौजूद किसानों एवं वेब कास्टिंग के माध्यम से जुड़े लाखों किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और आते ही हमने किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा की पुरानी किश्त भरने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने किसानों को भ्रमजाल में रखा एवं कर्जा माफी का लालच देकर उनको छला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का कर्जा माफ करने का झूठ पुरानी सरकार ने बोला है। 50 हजार करोड़ कर्ज की तुलना में मात्र छह हजार करोड़ का कर्ज ही माफ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में कोई भी मंडी बन्द नहीं होगी। किसानों को यह सुविधा दी गई है कि वे चाहे तो अपने खेत से या अपने घर से अपनी उपज बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाया जायेगा और नर्मदा नदी का जल मालवा क्षेत्र में लाकर रहेंगे। आगामी तीन वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई हेतु हरित क्रान्ति समिति का गठन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी से वे किसानों को सौगात दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नहीं बनी तो इसका कोई गम नहीं था, किन्तु सत्ता में नहीं रहने के बाद भी हम लोग चैन से नहीं बैठे। जब-जब मौका मिला तब-तब जनता के बीच जाकर उनसे संवाद किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के चलते निश्चित रूप से आर्थिक सीमाएं हैं, किन्तु फिर भी किसानों के हित में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के चलते कल-कारखाने और उद्योग-धंधे बन्द हो गये। टैक्स आना बन्द हो गया, फिर भी हमने ढाई सौ करोड़ का प्रीमियम किसानों का भरा। किसानों की जिन्दगी को पटरी से उतरने नहीं दिया। सहकारी बैंक का 1500 करोड़ रुपये भर रहे हैं। इसके साथ ही भावांतर के 470 करोड़ रुपये भी हम देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों का एक करोड़ 29 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदा। गेहूं खरीदी में हमने पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ दिया। 25 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में हस्तांतरित की। तिवड़ा लगा चना भी खरीदा।

पूर्व में 13 क्विंटल चना खरीदी की ही अनुमति थी। केन्द्रीय कृषि मंत्री से बात कर इसे 20 क्विंटल तक बढ़ाया। 30 हजार करोड़ रुपये की उपार्जन की राशि किसानों के खातों में डाली। पूर्व में प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ 35 लाख किसानों को मिलता था, जिसे हमने बढ़ाकर 77 लाख तक कर दिया है।

अब कोई भी किसान किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित नहीं रहेगा। दूध उत्पादक कृषकों के भी किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जायेंगे। यदि कोई व्यक्ति गोवंश के लिये ऋण लेता है तो उसे जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र का सर्वे कर ग्रामीण व्यक्तियों को भू-अधिकार दिया जायेगा। वह अपने घर के माध्यम से ऋण ले सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में 13 हजार लोगों की जान बचाई गई और फसल नुकसान का सर्वे किया गया। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, उड़द एवं मक्का की फसल में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जायेगी, चाहे इसके लिये कहीं से भी उधारी लेनी पड़े। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है और हमने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का संकल्प लिया है।

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश किसानों के सहयोग से ही बन सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी कभी बन्द नहीं की जायेगी। एक हजार जलवायु आधारित गांव बनाये जायेंगे। गांवों में कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित किया जायेगा। अब किसानों से ही कच्चे माल का फूड प्रोसेसिंग करवायेंगे। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा।

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