April 18, 2026

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इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट, जन्मों का बंधन न बनाएं : तीन तलाक पर ओवैसी

लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक बिल पर तीखी बहस हुई। हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध किया और सरकार पर जमकर निशाना साधा। इसी दौरान ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट की तरह है, इसे आप जन्मों का साथ मत बनाइए।
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने भाषण की शुरुआत तीखे अंदाज में की। उन्होंने कहा कि मैं तीसरी बार इस बिल के खिलाफ खड़ा हुआ हूं और जबतक जिंदगी रहेगी तबतक इस बिल का विरोध करता रहूंगा। ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक को इस सरकार ने अपराध में डाल दिया। ऐसे में फिर महिला का पालन-पोषण कौन करेगा।
हैदराबाद सांसद बोले कि इस्लाम में निकाहनामा है, आप भी एक कंडिशन लगा दीजिए कि अगर कोई तीन तलाक देगा तो उसे महिला को मेहर की रकम का 500 गुना जुर्माना देना होगा। तभी ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है और आप कह रहे हैं कि जन्म-जन्म का साथ है। ऐसा मत कीजिए और हमारी बात को समझिए।
अगर कोई मुसलमान आदमी गलती से तीन बार तलाक बोल देता है तो शादी नहीं टूटती है। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम में 9 किस्म के तलाक होते हैं और तीन तलाक उसमें से सिर्फ एक है। तीन तलाक बिल के विरोध में ओवैसी ने कहा कि इससे महिला पर बोझ बढ़ेगा, क्योंकि अगर शौहर जेल में चला जाएगा तो फिर महिला को पैसा कौन देगा। मान लीजिए अगर अदालत ने तीन तलाक देने वाले पुरुष को तीन ताल की सजा दे दी, तो फिर महिला तीन साल तक उसके इंतजार में क्यों बैठी रहे। शादी में ही क्यों रहे। इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि क्या महिला तीन साल बाद कहेगी? बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।

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