मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि निर्वाचन अधिकारी ने अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के चलते उनका नामांकन निरस्त कर दिया है। इसके अलावा एक अन्य उम्मीदवार कांते सायन्ना का पर्चा भी प्रस्तावक नहीं होने के कारण खारिज कर दिया गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक और राजकुमार लोहानी के प्रस्तावक हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के साथ जमा कराए गए हलफनामे पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
❌ फॉर्म-26 न लगाने पर निरस्त हुआ राजकुमार लोहानी का पर्चा; कांते सायन्ना का नामांकन भी रद्द
नामांकन स्क्रूटनी के मुख्य बिंदु:
- राजकुमार लोहानी का पर्चा खारिज: भोपाल के समाजसेवी और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी द्वारा अपने नामांकन के साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अनिवार्य शपथ पत्र फॉर्म-26 (Form-26) संलग्न नहीं किया गया था। चुनाव प्रक्रिया के तहत यह कानूनी दस्तावेज बेहद जरूरी होता है। आवश्यक दस्तावेज न मिलने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
- कांते सायन्ना का नामांकन भी रद्द: चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक अन्य उम्मीदवार कांते सायन्ना का पर्चा भी वैध प्रस्तावक (Proposer) न होने के आधार पर खारिज कर दिया गया। इन दो झटकों से कांग्रेस समर्थित खेमे को बड़ा झटका लगा है।
📋 हरदीप सिंह पुरी के आवेदन पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे की तीन बड़ी आपत्तियां
अटेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और प्रस्तावक हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के शपथपत्र पर निम्नलिखित तीन प्रमुख आपत्तियां दर्ज कराई हैं:
- पत्नी का नाम और संपत्ति का विवरण: विधायक हेमंत कटारे का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री ने अपने हलफनामे में अपनी पत्नी का नाम और संपत्ति का कॉलम अधूरा छोड़ा है, जिस पर सवाल खड़े किए गए हैं।
- विदेशी मुद्रा (स्विस फ्रैंक और डॉलर) में संपत्ति का उल्लेख: कांग्रेस विधायक ने आपत्ति जताई है कि राज्यसभा निर्वाचन के नियमों के अनुसार संपत्ति को भारतीय मुद्रा में दर्शाना अनिवार्य होता है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी उम्मीदवार या उसके जीवनसाथी की संपत्ति विदेशों में स्थित है या विदेशी बैंकों में जमा है, तो हलफनामे में उसका मूल विदेशी मूल्य (जैसे स्विस फ्रैंक या डॉलर) और भारतीय रुपये में उसकी विनिमय दर (Exchange Rate) दोनों का विवरण देना होता है, जो जेनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी खातों के मामले में स्पष्ट नहीं है।
- नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता: तीसरी आपत्ति नोटरी एक्ट के उल्लंघन को लेकर उठाई गई है। नियमों के तहत शपथ पत्र को अधिकृत नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष सत्यापित कराना अनिवार्य होता है, जिसका पालन न किए जाने का आरोप लगाया गया है।
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पत्र पर उठी इन आपत्तियों का जवाब देने के लिए निर्वाचन अधिकारी द्वारा संबंधित पक्ष को निर्धारित समयावधि (शाम पांच बजे तक) दी गई थी।

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