October 28, 2026

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Bageshwar Dham Shivpuri Katha: शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के बीच पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

शिवपुरी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक और बयान फिर से सुर्खियों में है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा स्थित ‘बगीचा धाम – श्रीराम राजा सरकार धाम’ में बागेश्वर बाबा द्वारा श्रीराम कथा का संगीतमय वाचन किया जा रहा है।

कथा के चौथे दिन उन्होंने आस्था, धर्म और बदलते दौर को लेकर एक ऐसा सामाजिक बयान दिया, जो पूरे क्षेत्र और सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आजकल भगवान और उनकी भक्ति का भी एक ‘ट्रेंड’ सा चल पड़ा है, यहाँ कुछ भी परमानेंट नहीं है। जब लोग भगवान बदलते रहते हैं, तो इंसान की क्या बिसात।

🕉️ “भगवान न हुए, फैशन हो गए”— साईं बाबा, खाटू श्याम और नीम करौली बाबा का दिया उदाहरण

कथा के दौरान विशाल जनमेदिनी और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “आजकल भगवान का भी एक ट्रेंड चल रहा है। जैसे फैशन का दौर बदलता है, वैसे ही आस्था का केंद्र बदलता है। कभी गुरुवार को साईं बाबा खूब पूजे जाते थे और उनके दरबार में भारी भीड़ उमड़ती थी, तो कभी खाटू श्याम बाबा की धूम मच जाती है। और अब नीम करौली बाबा के धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।”

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि समय के साथ भगवान की जय-जयकार और आस्था का केंद्र बदलता रहता है, इसलिए इस भौतिक जगत में कुछ भी परमानेंट (स्थाई) नहीं है।

💡 संसार में अहंकार या भ्रम पालकर न जिएं, इंसान खुद को अमर न समझे

अपने इस बयान को आगे विस्तार देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जीवन के शाश्वत और कड़वे सच पर रोशनी डाली।

उन्होंने मंच से कहा, “जब इस संसार में भगवान ही किसी एक रूप में परमानेंट स्थापित नहीं रहते, तो इंसान कैसे खुद को परमानेंट समझ लेता है?” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम मंच पर बैठकर कथा सुना रहे हैं, तो कल कोई और सुनाएगा। यह पूरी दुनिया परिवर्तनशील है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को अपने पद, धन या स्थिति को लेकर अहंकार या हमेशा स्थाई रहने का भ्रम नहीं पालना चाहिए।

👶 करैरा में शिव-पार्वती विवाह पर झूमे श्रद्धालु, धीरेंद्र शास्त्री ने नवजात का नाम रखा ‘राघव’

करैरा के बगीचा धाम में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन का माहौल पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर नजर आया। कथा व्यास पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह और श्रीराम जन्मोत्सव के अत्यंत मनमोहक प्रसंग सुनाए, जिन्हें सुनकर पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु झूम उठे।

कथा के दौरान एक भावुक और खास पल तब आया, जब कथा की शुरुआत में ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक नवजात शिशु का मंच से नामकरण किया। उन्होंने उस बालक का नाम बड़े प्यार से ‘राघव’ रखा, जिसे सुनकर बच्चे के परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं, धर्म और आस्था के बदलते स्वरूप पर बाबा का यह नया वक्तव्य अब हर जगह चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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