जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर) में एक अवमानना याचिका की वर्चुअल सुनवाई के दौरान नगर एवं ग्राम निवेश (T&CP) के संयुक्त संचालक की हरकत देखकर अदालत में मौजूद सभी लोग दंग रह गए।
मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए चल रही थी। इसी दौरान संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिये अंडरगारमेंट्स पहनकर सीधे हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थित हो गए। हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने इस अनुचित वेशभूषा और अमर्यादित आचरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारी को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही एकलपीठ ने राज्य सरकार को संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
🗺️ मास्टर प्लान में भूमि उपयोग की श्रेणी में गड़बड़ी से जुड़ा है पूरा मामला
मामले के विवरण के अनुसार, मेसर्स जी.एस.बी. कंस्ट्रक्शन ने जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र स्थित अपनी भूमि के उपयोग (लैंड यूज़) के मद परिवर्तन में हुई त्रुटि को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
याचिका में बताया गया था कि संबंधित जमीन मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्र के रूप में दर्ज है, लेकिन प्रशासनिक गलती से उसे रिकॉर्ड में औद्योगिक भूमि दर्ज कर दिया गया था। भूमि के नक्शे और प्रकृति में आवश्यक सुधार की आधिकारिक अनुशंसा 3 अक्टूबर 2025 को ही जबलपुर से भोपाल स्थित विभागीय मुख्यालय को भेजी जा चुकी थी।
⏱️ अदालत के आदेश को गंभीरता से न लेने पर दायर हुई थी अवमानना याचिका
हाई कोर्ट ने पूर्व में याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को विभागीय पोर्टल के माध्यम से सुधार का आवेदन देने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने संयुक्त संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश को 7 दिनों के भीतर आवेदन अपलोड कराने और 4 सप्ताह में इस पर अंतिम निर्णय लेने के कड़े आदेश दिए थे।
निर्धारित समयसीमा में आदेश का पालन न होने पर आवेदक ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश करने के निर्देश दिए थे। जब रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो कोर्ट ने अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का आदेश दिया था।
💻 बिस्तर पर लेटकर शर्ट के बटन बंद करते हुए वीसी से जुड़े अधिकारी
याचिका की सुनवाई के दौरान जब कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भोपाल से संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश अमित कुमार गजभिये उपस्थित हुए, तो उनकी हरकत ने न्यायिक गरिमा को तार-तार कर दिया।
वह अपने घर के बिस्तर में लेटे हुए थे और बिना पेंट-पायजामा पहने सिर्फ अंडरवियर में अपनी शर्ट के बटन बंद करते हुए स्क्रीन पर दिखाई दिए। अदालत ने इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को न्यायिक व्यवस्था का गंभीर अपमान माना और त्वरित सख्त कदम उठाया।

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