छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया से कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि और भाजपा नेताओं के बीच दशहरा के दिन हुए विवाद के बाद मामला काफी गरमा गया है।
परासिया के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) शुभम कुमार यादव के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जिले के सभी कांग्रेस विधायकों ने प्रशासनिक अमले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
🛑 ‘बीजेपी के राजनीतिक दबाव में की गई एकतरफा कार्रवाई’ — सोहन वाल्मीकि
कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि ने अपनी बात रखते हुए कहा, “दशहरा के पावन अवसर पर चांदामेटा में पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। हर साल की तरह सनातन परंपरा के अनुसार सारे कार्यक्रम शांतिपूर्वक हो रहे थे। तभी अचानक भाजपा के कुछ नेता पहुंचे और उन्होंने बेवजह विवाद खड़ा कर दिया।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इसी बीच एसडीएम शुभम कुमार यादव ने आकर धार्मिक कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उपद्रव किया, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन सत्ता और भाजपा के राजनीतिक दबाव में उल्टा उन्हीं के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर ली गई।
📢 कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष सुनवाई न होने का लगाया आरोप
विधायक सोहन वाल्मीकि का स्पष्ट कहना है कि यह पूरी एकतरफा कार्रवाई परासिया एसडीएम के इशारे पर अंजाम दी गई है, इसलिए शासन-प्रशासन को उन पर तत्काल सख्त एक्शन लेना चाहिए।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण और पुलिस अधीक्षक (SP) अजय पांडे को मिलकर समूचे घटनाक्रम की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। हालांकि, जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जिला प्रशासन राजनीतिक दबाव के चलते कांग्रेस प्रतिनिधियों की बात नहीं सुन रहा है। इसी पक्षपातपूर्ण रवैये के विरोध में पांढुर्णा, सौसर, चौरई, जुन्नारदेव और परासिया के सभी विधायक एक होकर सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं।
⚠️ मांगे पूरी न होने पर छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय में बड़े आंदोलन की चेतावनी
विधायक सोहन वाल्मीकि ने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “राजनीतिक विद्वेष के तहत मुझे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टारगेट करके मुकदमे दर्ज किए गए हैं। परासिया एसडीएम के खिलाफ अब तक विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रम में विघ्न डालने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।”
उन्होंने साफ किया कि अभी यह विरोध प्रदर्शन परासिया तक सीमित रखा गया है, लेकिन यदि प्रशासन ने जल्द ही निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो इस आंदोलन को उग्र रूप देकर छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

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