भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोगों की थाली तक पहुंच रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की प्रयोगशाला जांच में शहर के 35 प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों से जुड़े खाद्य नमूनों में भारी मिलावट और मानकों पर खरे न उतरने के मामले सामने आए हैं। इस खुलासे से शहरभर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इसमें कई नामी डेयरियां, होटल-रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और किराना प्रतिष्ठान शामिल हैं।
🔍 प्रतिबंधित सोयाबीन तेल का भी हुआ खुलासा: डेयरियों और रेस्टोरेंट के सैंपल्स फेल, प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दो अलग-अलग दुकानों से लिए गए सोयाबीन तेल के नमूने प्रतिबंधित श्रेणी के पाए गए। इसके अलावा दूध, पनीर, क्रीम, घी, मावा और नमकीन जैसी रोजमर्रा की खाने वाली चीजों में भी मिलावट और मिथ्या छाप (Misbranded) की पुष्टि हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार की जा रही इस जांच के बाद अब मिलावटखोरों और लापरवाह कारोबारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

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