अक्टूबर के महीने में वेनेजुएला से भारत आने वाले कच्चे तेल का आयात पिछले 7 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। इसके पीछे मुख्य कारण वेनेजुएला के क्रूड ऑयल पर मिलने वाला भारी डिस्काउंट है, जिसके चलते रिलायंस जैसी बड़ी रिफाइनरी कंपनियों की ओर से इसकी जमकर खरीदारी की जा रही है। दूसरी ओर, रूसी तेल की सप्लाई महंगी होने के कारण उसकी मांग में कुछ कमी आई है। रूस के मुकाबले वेनेजुएला भारत के अधिक नजदीक है, जिससे शिपिंग लागत भी काफी कम आती है।
📈 7 साल में सबसे ज्यादा होगा इंपोर्ट, जामनगर रिफाइनरी पहुंचेगा शिपमेंट
एनर्जी एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर में भारत में वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात सितंबर के 196,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़कर लगभग दोगुने से अधिक यानी 465,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। यह दिसंबर 2019 के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा होगा। दक्षिण अमेरिकी देश से आने वाले अधिकांश शिपमेंट का गंतव्य सिक्का पोर्ट है, जिसका उपयोग रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी जामनगर रिफाइनरी के लिए किया जाता है।
📉 रूस से घट रही है हिस्सेदारी, भारी डिस्काउंट से पूरी हो रही है प्रक्रिया की चुनौती
अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद भारत ने इस साल की शुरुआत से वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर से शुरू किया था। कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और बढ़ती कीमतों के कारण भारत के कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई के 56 फीसदी से गिरकर सितंबर में करीब 35 फीसदी रह गई है। वेनेजुएला का मुख्य ‘मेरे’ (Merey) क्रूड भारी डिस्काउंट पर बिक रहा है, जो इसकी प्रोसेसिंग में आने वाली तकनीकी चुनौतियों की भरपाई कर देता है।

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