इंदौर के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी बंटी उर्फ संदीप नागर आत्महत्या मामले में पुलिस अब लगभग निष्कर्ष के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बंटी ने गंभीर आर्थिक तंगी और पैसों के लिए लगातार मिल रही वसूली की धमकियों से परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाया था। इसके अलावा, रुपयों की मांग करने वाले कुछ लोगों द्वारा उनकी बीमारी को लेकर अफवाहें भी फैलाई गई थीं, जिससे वे और अधिक मानसिक तनाव में थे।
📝 गुलमोहर कॉलोनी निवासी थे बंटी, बाल्याखेड़ी और सुपर कॉरिडोर पर थे बड़े प्रोजेक्ट्स
गुलमोहर कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय बंटी ‘संस्कृति डेवलपर्स’ के नाम से कॉलोनी विकसित करने का कार्य करते थे। उन्होंने बायपास स्थित बाल्याखेड़ी पर एक बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च किया था, जिसमें भाजपा नेता के रिश्तेदार राजेश, रितेश और बंटी गोयल का पैसा लगा हुआ था। आरोप है कि इन तीनों द्वारा बंटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा, सुपर कॉरिडोर के समीप स्थित बंटी के एक अन्य प्रोजेक्ट में भी पैसों के लेनदेन को लेकर भारी विवाद और परेशानी चल रही थी।
🔍 परिजनों के बंयानों और चैटिंग के आधार पर कई नाम आए सामने, पार्षद का रिश्तेदार भी शामिल
पुलिस ने परिजनों से दोबारा पूछताछ कर कुछ चैट और साक्ष्य भी हासिल किए हैं। परिजनों ने दर्जी कराडिया के विष्णु, राजेश, बंटी, मनोज चौधरी, महेश दलोदरा, गोविंद नानेरिया और अशोक भाटिया उर्फ बब्लू का नाम लिया है। अशोक भाटिया ने करोड़ों रुपयों का लेनदेन किया था और वह लगातार दबाव बना रहा था, जिसके साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। इसके अलावा, विजय नगर क्षेत्र में रहने वाला एक पार्षद का रिश्तेदार भी बंटी को रुपयों के लिए धमका रहा था, जो जमीनों की हेराफेरी में शामिल रहा है और जिसने बंटी से घंटों तक बात की थी।

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