भोपाल : मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। बारिश का जोर लगभग थम चुका है। अगले 3 दिन में सिर्फ छिटपुट बौछार, गरज-चमक और तेज हवा का दौर देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने के साथ मानसून की वापसी का रास्ता साफ होगा। मौसम विभाग के अनुसार “पश्चिमी मध्यप्रदेश में 28 से 30 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है, जबकि 1 अक्टूबर से वहां कोई चेतावनी नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह गतिविधि 1 अक्टूबर तक रह सकती है और 2 अक्टूबर से कोई अलर्ट नहीं है।”
🌡️ अगले 4 दिनों में पूरी तरह बदल जाएगा प्रदेश का मौसम मिजाज
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया “सितंबर के आखिरी दिनों में बादलों की सक्रियता घटने के साथ दिन के तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। प्रदेश में अब लगातार बारिश वाले सिस्टम की जगह स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल ही कुछ हिस्सों में बौछार दे सकते हैं। अगले 3 दिन गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा।”
📊 इस सीजन प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम गिरा पानी
1 जून से 28 सितंबर तक प्रदेश में कुल बारिश दीर्घावधि औसत से करीब 4 प्रतिशत कम रही। लेकिन राज्य को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बांटकर देखें तो तस्वीर बदल जाती है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यानी पूरे प्रदेश का आंकड़ा मामूली कमी दिखा रहा है, लेकिन पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है।
💨 बीते 24 घंटों में बारिश का जोर लगभग हुआ खत्म
बीते 24 घंटों में भी बारिश चुनिंदा स्थानों तक सीमित रही। पश्चिमी मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 2.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि पूर्वी हिस्से में कटनी के बरही में 16 मिमी पानी गिरा। वहीं आगर में हवा की रफ्तार 48 किमी प्रति घंटा, जबकि अनूपपुर में 52 किमी प्रति घंटा तक पहुंची। पश्चिमी अंचल में धार 35.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। पूर्वी हिस्से में खजुराहो का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री रहा।
☀️ तापमान में फिर होने लगी बढ़ोतरी, सामान्य के करीब पहुंचे संभाग
बादलों और बारिश की कमी का सीधा असर तापमान पर भी दिख रहा है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1 से 3 डिग्री कम है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य के आसपास पहुंच गया है। आने वाले दिनों में बारिश घटने के साथ दिन के तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है।
🌤️ आसमान साफ होते ही शुरू होगी मानसून की आधिकारिक विदाई
मानसून की वापसी सिर्फ बारिश रुकने से घोषित नहीं होती। मौसम विभाग के अनुसार “इसके लिए बारिश की गतिविधि में लगातार कमी, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवाती स्थिति और वातावरण में नमी घटने जैसे संकेत देखे जाते हैं। देश के दूसरे हिस्सों से भी मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।” अगले 28 से 30 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश की संभावना है। जबकि 1 अक्टूबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क रहने के संकेत हैं। वहीं पूर्वी हिस्से में कुछ गतिविधि संभव है। इसके साथ ही 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश का मौसम काफी हद तक शुष्क होने की संभावना है।

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