September 28, 2026

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MP School Uniform Update: बुरहानपुर में रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल जाने को मजबूर छात्र, शासन की नीतियों पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का आधा हिस्सा बीतने को है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 64 हजार स्कूली बच्चों को अब तक यूनिफॉर्म (गणवेश) नसीब नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि अधिकांश बच्चों को मजबूरन अपनी पुरानी यूनिफॉर्म या फिर रोजमर्रा के रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर ही स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक न तो बच्चों के खातों में ड्रेस की राशि पहुंची है और न ही स्कूलों में यूनिफॉर्म की आपूर्ति हो पाई है, जबकि छात्र और उनके परिजन लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे हैं। बच्चों के माता-पिता ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।

👕 64 हजार बच्चों को नहीं मिली यूनिफॉर्म: रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल जाने को मजबूर छात्र

प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ही बुरहानपुर के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को आज भी यूनिफॉर्म का इंतजार है। बिना तय ड्रेस कोड के रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल जाना बच्चों की विवशता बन चुका है, जबकि इस बार का शैक्षणिक सत्र अपनी आधी अवधि पार कर चुका है। इस व्यवस्था पर चिंता जताते हुए एक अभिभावक सद्दाम शेख ने कहा कि, “इस नए सत्र में भी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समय पर यूनिफॉर्म नहीं मिल पाया है, जिसके चलते हमें बच्चों को रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल भेजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।” छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बच्चों को ड्रेस या उसकी निर्धारित राशि दी जाए।

⚖️ सरकारी नीतियों और लेटलतीफी का खामियाजा भुगत रहे गरीब बच्चे, पालक महासंघ ने जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश पालक महासंघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश भगत ने भी इस पूरे मामले पर सरकार की कार्यशैली के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि हर साल स्कूल सत्र शुरू होने से पहले ही यूनिफॉर्म वितरण की स्पष्ट नीति तय हो जानी चाहिए। सरकार द्वारा समय पर नीति और आदेश स्पष्ट न किए जाने का सीधा खामियाजा इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब तबके के मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द यूनिफॉर्म का वितरण नहीं किया गया तो इसे लेकर व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा।

📋 जिला शिक्षा केंद्र का पक्ष: बैंक खाते अपडेट, शासन के मार्गदर्शन का इंतजार

उधर इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी (DPC) अरविंद धुर्वे ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि जिला स्तर पर कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बच्चों के बैंक खातों को भी सत्यापित कर अपडेट करा दिया गया है। अब जैसे ही उच्च स्तर या शासन की ओर से आधिकारिक मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश प्राप्त होते हैं, वैसे ही तय प्रक्रिया के तहत यूनिफॉर्म की राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी या फिर आवश्यकतानुसार सिला हुआ यूनिफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।

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