September 11, 2026

News Prawah

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MP Bank Strike: भोपाल में सड़कों पर उतरीं महिला बैंक कर्मी, मध्य प्रदेश की 7000 शाखाओं में ठप्प रहा कामकाज

भोपाल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला। प्रदेश की 7,000 बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं और 40 हजार से अधिक बैंक कर्मचारी-अधिकारी काम बंद कर हड़ताल पर रहे। राजधानी भोपाल में आयोजित विशाल प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला बैंक कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। हाथों में ‘5-डे वीक’ और ‘ओल्ड पेंशन स्कीम’ के बैनर लिए महिलाएं केंद्र सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करती दिखीं।

📢 ‘ढाई साल से सब्र कर रहे थे, अब सब्र का बांध टूटा’: बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मचारी नेता विनोद सिंह नेगी ने कहा, “हमारी मुख्य मांग सप्ताह में 5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। इसके साथ ही परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के असमान और भेदभावपूर्ण वितरण को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। ढाई साल पहले इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी थी और समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। हम ढाई साल से धैर्य रखे हुए थे, लेकिन अब कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट चुका है, इसलिए हमें सड़कों पर उतरना पड़ा।”

⚠️ 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल, सुनवाई न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंदी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रांतीय समन्वयक वी.के. शर्मा ने बताया, “कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए 5 दिवसीय कार्य व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। आज मध्य प्रदेश की 7 हजार और देशभर की लगभग 1 लाख बैंक शाखाओं पर ताला लगा रहा। अकेले भोपाल में 5 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने एकजुट होकर रैली निकाली। यदि सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो इसी महीने 28 से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिन फिर बैंक हड़ताल रहेगी। इसके बाद भी हल न निकला तो 26 अक्टूबर से देशभर की 1 लाख शाखाओं में अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी।”

📅 इस महीने 8 दिन बंद रहेंगे बैंक, ग्राहकों को भुगतना पड़ सकता है बड़ा संकट

बैंक कर्मियों की इस चरणबद्ध हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का नियमित अवकाश रहने से लगातार तीन दिन बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को पुनः हड़ताल और अगले दिनों के अवकाश को मिलाकर लगातार पांच दिन कामकाज ठप्प रहेगा। इस तरह इस महीने के आखिरी दिनों में हफ्तेभर बैंक सेवाएं प्रभावित रहेंगी। यदि सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल से वित्तीय व्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।

⚖️ वर्क-लाइफ बैलेंस, PLI विवाद और पुरानी पेंशन योजना (OPS) हैं प्रमुख मुद्दे

बैंक कर्मचारियों की मांगों का मुख्य केंद्र बिंदु:

  • 5-Day Banking: वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए सप्ताह में 5 दिन काम। इसके बदले कर्मचारी रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।
  • PLI में समानता: परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हो रहे भेदभाव को समाप्त करना।
  • Old Pension Scheme (OPS): बैंक कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल करना।
💳 वीकेंड से ठीक पहले ठप्प हुईं सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और कैश ट्रांजैक्शन अटके

हड़ताल के कारण वीकेंड से ठीक पहले आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चेक क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई, जिससे करोड़ों रुपये का व्यापारिक लेनदेन अटक गया। इसके अलावा कैश डिपॉजिट और भारी नकदी निकासी वाले ग्राहकों को शाखाओं के चक्कर लगाकर निराश लौटना पड़ा। हालांकि ऑनलाइन यूपीआई और एटीएम सेवाएं चालू रहने से डिजिटल लेनदेन करने वालों को थोड़ी राहत जरूर मिली।

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