September 8, 2026

News Prawah

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Future of ATMs in India Artificial Intelligence and Security Upgrade: ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौर में भी क्यों खास है कैश? जानिए भविष्य में कैसे एआई से ऑपरेट होंगे एटीएम

दुनियाभर में डिजिटल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ने के बावजूद भारत जैसे देश में खरीदारी और रोजमर्रा के लेनदेन में नगद राशि का अपना एक विशेष महत्व है। बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ और सस्ता बनाने के लिए आने वाले समय में एटीएम (ऑटोमेटिक टेलर मशीन) पूरी तरह से अपग्रेड होने जा रहे हैं। इंदौर में बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर गोविंद प्रसाद सारड़ा के अनुसार, एटीएम इकलौता ऐसा बैंकिंग सिस्टम है जो सभी बैंकों से इंटर-बैंकिंग की सुविधा देता है। यही वजह है कि बैंकिंग सेक्टर अब एटीएम को और अधिक इंटरएक्टिव बनाते हुए पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से ड्राइव करने की तैयारी कर रहा है, जिससे ग्राहकों को उच्च स्तरीय सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी।

🔒 टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से मिल रही है तगड़ी सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बनाया जा रहा है एटीएम फ्रेंडली

वर्ष 1960 में लंदन के बार्कलेज बैंक द्वारा पहली बार एटीएम मशीन की शुरुआत की गई थी, जो समय के साथ अब केवल पैसे निकालने तक सीमित न रहकर 24/7 सेवाएं देने वाले मिनी बैंक बन चुके हैं। बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर बापू दलवी बताते हैं कि वर्तमान एटीएम ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ मोड पर काम करते हैं, जिससे साइबर फ्रॉड की तकनीकों के लिए खाते में सेंध लगाना बेहद कठिन हो जाता है। इसके अलावा, अर्बन इलाकों के साथ-साथ अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एटीएम फ्रेंडली बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी कम खर्चे में आसानी से रोजमर्रा की बैंकिंग सेवाएं मिल सकें और बैंक तथा ग्राहक दोनों के लिए यह प्रक्रिया बेहद सुविधाजनक साबित हो।

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