राजधानी भोपाल में बुनियादी ढांचे और परिवहन को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में पश्चिमी बाइपास के निर्माण के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। इस बाइपास के बन जाने से जबलपुर की ओर से आने वाले और इंदौर जाने वाले वाहन चालकों को शहर के भीतर आए बिना सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा में 21 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। पहले इस मार्ग की लंबाई 41 किलोमीटर प्रस्तावित थी, जिसे संशोधित कर अब 35 किलोमीटर कर दिया गया है। इसके साथ ही रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष अंडरपास बनाए जाएंगे।
🏛️ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर बने सलाहकार, नई दिल्ली में रहेगा मुख्य कार्यालय
प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत तथा बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर को राज्य सरकार में सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक और रणनीतिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए उनका मुख्य कार्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में निर्धारित किया गया है, जहाँ से वे केंद्र और राज्य के बीच समन्वय से जुड़े कार्यों को संभालेंगे।
🎓 तकनीकी शिक्षा का विकेंद्रीकरण: तीन हिस्सों में बंटा आरजीपीवी, अब कौशल विकास से भी जुड़ेगा पाठ्यक्रम
प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और प्रशासनिक सुगमता के लिए बहुप्रतीक्षित निर्णय लेते हुए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन स्वतंत्र हिस्सों में विभाजित कर दिया गया है। अब इस व्यवस्था के तहत भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में इसके अलग-अलग क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि इन तीनों विश्वविद्यालयों की उच्च शिक्षा प्रणाली को आधुनिक ‘कौशल विकास’ (Skill Development) कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सेवारत और अध्ययनरत युवाओं को रोजगार के बेहतर और व्यावहारिक अवसर मिल सकें।

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