मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल ने निसंतानता (Infertility) की समस्या से जूझ रहे दंपतियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए IVF और फर्टिलिटी सेंटर का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया गया है। इस नए और आधुनिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य उन दंपतियों को एक ही छत के नीचे पारदर्शी, वैज्ञानिक और किफायती दरों पर विश्वस्तरीय चिकित्सा एवं परामर्श सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं।
👩⚕️ एक ही स्थान पर होगी महिला और पुरुष दोनों की फर्टिलिटी जांच व विशेषज्ञ परामर्श
एम्स अस्पताल के विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस केंद्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहाँ महिला और पुरुष दोनों की ही फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं की जाँच, परामर्श और संपूर्ण उपचार एक ही परिसर में मिल सकेगा। चिकित्सक सबसे पहले संबंधित दंपत्ति की शारीरिक स्थिति और इनफर्टिलिटी के वास्तविक कारणों का बारीकी से अध्ययन करेंगे। इसके बाद प्रत्येक मरीज की मेडिकल जरूरत के अनुसार एक विशेष और व्यक्तिगत उपचार योजना (Personalized Treatment Plan) तैयार की जाएगी, जिससे इलाज की सफलता दर में काफी सुधार होगा।
🔬 अत्याधुनिक तकनीक, आईवीएफ, आईसीएसआई और क्रायोप्रिजर्वेशन की आधुनिक सुविधा
इस सेंटर में ओव्यूलेशन मॉनिटरिंग यानी अंडाणु बनने की प्रक्रिया की जाँच, उच्च स्तरीय अल्ट्रासाउंड, जरूरी हार्मोनल टेस्ट और आईयूआई (IUI) जैसी तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन मामलों में अधिक एडवांस तकनीक की आवश्यकता होगी, वहाँ आईवीएफ (IVF) और आईसीएसआई (ICSI) पद्धति के जरिए लैब में भ्रूण तैयार कर गर्भाशय में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा, भविष्य की जरूरतों और मेडिकल कारणों को देखते हुए अंडाणु (Ova), शुक्राणु (Sperm) और भ्रूण (Embryo) को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation) की सुविधा भी यहाँ दी जा रही है।
🏢 कार्यपालक निदेशक ने किया औपचारिक उद्घाटन, नैतिकता और गोपनीयता पर विशेष जोर
इस विशेष फर्टिलिटी सेंटर का औपचारिक उद्घाटन एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेन्द्र कोटवाल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. रजनीश जोशी, उप निदेशक (प्रशासन) संदेश जैन, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. विकास गुप्ता के साथ-साथ प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. के. पुष्पलता, नोडल अधिकारी डॉ. भारती सिंह, डॉ. अरुण डोरा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेन्द्र कोटवाल ने स्पष्ट किया कि यहाँ की जाने वाली सभी चिकित्सा प्रक्रियाएं सहायक प्रजनन तकनीक (ART) के निर्धारित नियमों, सख्त नैतिक सिद्धांतों और उच्च चिकित्सीय मानकों के दायरे में रहकर पूरी की जाएंगी। इसमें मरीजों की गोपनीयता, उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह नया केंद्र न केवल आम जनता को बेहतरीन उपचार मुहैया कराएगा, बल्कि प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध (Research) और मेडिकल ट्रेनिंग को भी एक नया और मजबूत आयाम देगा।

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